एचपीयू…फैक्ट पर होगी रिसर्च

शिमला—प्रदेश विश्वविद्यालय में अब शोध कार्य तथ्यों व आंकड़ांे पर आधारित होने चाहिएं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों को शोध कार्यों में सुधार करने के निर्देश दिए हैं। यूजीसी ने एचपीयू को भी इसी दायरे में लाकर साफ किया है कि एचपीयू को शोध को लेकर गंभीर होने की आवश्यकता है। वहीं, पीएचडी कर रहे छात्रों को शोध के  लिए ऐसा विषय चुनने को कहा जाए, जिससे वे समाज के विकास के लिए भी कुछ रिजल्ट निकाल सकें। दरअसल वर्तमान में एचपीयू में शोध कार्य तो होता है, लेकिन अभी तक पीएचडी के छात्रों के जो विषय रहे हैं, वे विषय उच्च लेवल के नहीं रहते हैं। जिस वजह से एचपीयू के शोध कार्य पर हमेशा सवाल उठते रहे हैं। बता दें कि एचपीयू के सभी विभागों में पीएचडी छात्रों से करवाई जाती है। पीएचडी के छात्रों को एचपीयू के ही विभागाध्यक्ष व कई प्रोफेसर ही गाइड बनकर छात्रों की पीएचडी चार से पांच सालों में पूरा करवाते हैं। बता दें कि एचपीयू में सालों से पीएचडी के स्तर पर छात्रों ने भी सवाल उठाए हैं, वहीं शोध कार्य में पीएचडी के छात्रों को विशेष ट्रेनिंग की मांग उठाई है। बावजूद इसके बजट की कमी की वजह से अभी तक शोध को लेकर कोई कार्य नहीं हुआ है। यही वजह है कि अब यूजीसी ने भी प्रदेश विश्वविद्यालय को शोध के स्तर को बढ़ाने के लिए अब निर्देश जारी कर जल्द रिपोर्ट भेजने के भी आदेश दिए हैं। एचपीयू में अभी तक होने वाले शोध कार्य को पूरा करने के बाद उसे सामाजिक गतिविधियों में अभी तक इस्तेमाल नहीं किया जा सका है। हैरानी तो इस बात की है कि एचपीयू में ज्यादातर विषय पीएचडी करने वाले छात्र ही फाइनल करते हैं। इससे हमेशा यह भी सवाल उठते हैं कि खानापूर्ति के तौर पर ही एचपीयू में अभी तक शोध कार्यों को अमलीजामा पहनाया जाता है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की मानें तो अब अगर एचपीयू ने शोध के स्तर को बेहतर नहीं बनाया तो ऐसे में बजट में भी कटौती की जाएगी। एचपीयू ने भी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देषों के बाद शोध को बेहतर बनाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। एचपीयू में जल्द ही नेशनल व इंटरनेशनल लेवल पर बड़े-बड़े विशेषज्ञों को बुलाया जाएगा। ये विशेषज्ञ एचपीयू से पीएचडी करने वाले छात्रों को विशेष ट्रेनिंग भी देंगे।

हर विभाग पर रहेगी कुलपति की नजर

जानकारी के अनुसार शोध कार्यों को बेहतर बनाने के लिए अब कुलपति खुद भी हर विभाग में शोध कार्यों की अपडेेट लेंगे। हर विभाग में छात्र किस विषय पर शोध कर रहे हैं, इसके साथ ही उन्होंने किस तरह से अपने शोध के लिए तथ्य जुटाए हैं, इस पर भी पूरी नजर रखेंगे।

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