एमबीबीएस की 150 सीटें बढ़ी

छह सरकारी मेडिकल कालेजों में सौ नहीं, 125 सीटों पर मिलेगा दाखिला

मंडी – हिमाचल के छह सरकारी मेडिकल कालेजों में 2019-20 बैच के लिए एमबीबीएस की 150 सीटें बढ़ गई हैं। अब किसी भी मेडिकल कालेज में 100 नहीं, 125 सीटों पर दाखिला मिलेगा। हिमाचल में इस समय, आईजीएमसी, टीएमसी, नेरचौक, हमीरपुर, चंबा, नाहन मेडिकल कालेज को मिलाकर छह सरकारी स्वास्थ्य संस्थान हैं। ऐसे में छह कालेजों को मिलाकर प्रदेश भर में 150 एमबीबीएस सीटों की बढ़ोतरी हो रही है। मेडिकल कालेजों की सीटों में बढ़ोतरी का सीधा फायदा आर्थिक आधार पर पिछड़े युवाओं को मिलेगा। बता दें कि केंद्र सरकार ने 2019 लोकसभा चुनाव से पहले आर्थिक रूप से पिछड़ों के लिए ईडब्ल्यूएस (इकोनॉमिक वीकर सेक्शन) का  बिल लाया था, जो लोकसभा और राज्यसभा में पारित भी हो चुका था। ऐसे में अब इस बिल के पास होने के बाद सीटों में बढ़ोतरी हुई है। ईडब्ल्यूएस के लिए दस फीसदी का कोटा रखा गया है। ऐसे में स्टेट और आल इंडिया कोटे के तहत अब 125 सीटों पर दाखिला मिलेगा। नेरचौक मेडिकल कालेज को छोड़ दिया जाए, तो बाकी सभी मेडिकल कालेजों में स्टेट कोटे की 106 सीटें होंगी। आल इंडिया कोटा की 19 सीटें सभी मेडिकल कालेजों रहेंगी। मेडिकल कालेज नेरचौक को छोड़ बाकी सभी मेडिकल कालेजों में ईडब्ल्यूएस के लिए 11 सीटें आरक्षित रहेंगी। बहरहाल, आयुर्विज्ञान संस्थानों में सीटों में तो बढ़ोतरी हुई है, लेकिन होस्टल से लेकर अन्य व्यवस्थाएं भी मेडिकल कालेज प्रबंधन को अतिरिक्त जुटानी पड़ेंगी। दूसरा पहलू इसके यह भी रहेगा कि पांच साल बाद हिमाचल से 150 एबीबीएस डाक्टर अतिरिक्त पढ़ाई कर निकलेंगे।

नेरचौक में ईएसआईसी कोटा

लाल बहादुर शास्त्री नेरचौक मेडिकल कालेज में दरअसल ईएसआईसी कोटा चलता है। ऐसे में यहा स्टेट कोटे की सीटों में कटौती रहती है। मेडिकल कालेज में ईएसआईसी कोटे की 37 सीटें, जबकि स्टेट कोटे की 69 सीटें भरी जाएंगी।

अगले सत्र से ईडब्ल्यूएस

सीटें हालांकि बढ़ा दी गई हैं, लेकिन ईडब्ल्यूएस की सुविधा अगले शैक्षणिक सत्र में ही मिलेगी, क्योंकि 100 सीटों के लिए पहले ही एमसीआई सभी मेडिकल कालेजों में सर्वेक्षण कर मंजूरी दे चुकी है। इसलिए इसे 2020-2021 सत्र में ही लागू किया जाएगा।

 

You might also like