एलएमएस का प्रत्यूष भाषण में अव्वल

पतलीकूहल —अंतरराष्ट्रीय रौरिक मेमोरियल ट्रस्ट नग्गर में आयोजित किए जा रहे कला उत्सव हिमाचल राज्य संग्रहालय शिमला के सौजन्य से हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों पर प्रकाश डालती धरोहरों की प्रतिकृतियां, राज्य संग्रहालय शिमला के प्रकाशन, सोविनियर व आधुनिक चित्रकला पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी का उद्घाटन भारतीय क्यूरेटर व रशियन क्यूरेटर लारिसा सुरगिना द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। प्रदर्शनी में प्रदर्शित कला की प्रतिकृतियां व प्रकाशन दर्शकों के लिए कम दामों पर खरीद के लिए  उपलब्ध हैं। इस अवसर पर कुल्लू घाटी के बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता व भाषण प्रतियोगिता  का  आयोजन किया गया। चित्रकला प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका रशियन क्यूरेटर व शिमला संग्रहालय के अधिकारी विकास वन्याल द्वारा निभाई गई,  जबकि भाषण प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल में भारतीय क्यूरेटर व शिमला संग्रहालय के अधिकारी सुरेश चंदेल रहे। भाषण  प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्रत्यूष एलएमएस स्कूल कुल्लू, द्वितीय स्थान ज्योति शर्मा, कैंब्रिज स्कूल मौहल, तृतीय स्थान दामिनी डीएवी स्कूल मनाली, जबकि चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान विजय स्वामिनी डीएवी स्कूल मनाली, द्वितीय स्थान तेनजिन नमगयाल डे स्टार स्कूल मनाली, तृतीय स्थान वैइस्की ठाकुर कैंब्रिज स्कूल मौहल, सांत्वना पुरस्कार राधा गर्ग डीपीएस स्कूल मनाली द्वारा जीता गया। हिमाचल राज्य संग्रहालय के क्यूरेटर डा. हरि चौहान का कहना है कि रौरिक आर्ट गैलरी में आए देश विदेश के पर्यटकों व जनसाधारण को प्रतिकृतियों व प्रकाशन के माध्यम से हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों से अवगत करवाना वर्तमान पीढ़ी की कला व बौद्धिक विकास को प्रोत्साहित करना ट्रस्ट में कला उत्सव में भाग लेने का मुख्य उद्देश्य था। रौरिक ट्रस्ट के कर्मचारियों व रौरिक अधिकारियों के अतिरिक्त राज्य संग्रहालय शिमला के अधिकारियों विकास बन्याल, संतोश कुमार, सुरेश चंदेल व तेज राम का कार्यक्रमों को सफल बनाने में विशेष  योगदान रहा। रौरिक आर्ट गैलरी मंे राज्य संग्रहालय शिमला द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी 17 जून, 2019 तक लगी रहेगी, जिसमें पर्यटक व जन साधारण रोचक पेंटिंगें भी खरीद सकेंगे।

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