ऑनलाइन फ्रॉड रोकने में पुलिस नाकाम

धर्मशाला—पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में ऑनलाइन फ्रॉड रोकने में प्रदेश पुलिस पूरी तरह से फेल हो गई है। शातिरों के नए-नए ठगी के अंदाज को पुलिस बिलकुल भी नहीं समझ पा रही है। ऐसे में साइबर क्राइम पर पुलिस की लापरवाही प्रदेश के भोले-भाले लोगों पर महंगी पड़ती हुई नजर आ रही है। वहीं, पुलिस विभाग हिमाचल के सबसे बड़े अधिकारी ने लोगों को सेविंग अकांउट की बजाय एफडी बनाकर बैंक में पैसे रखने की बात कही है,  जिससे ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले लोग अधिक पैसों की ठगी न कर सकें।  प्रदेश में लगातार ऑनलाइन फ्रॉड के मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें लोगों को मोबाइल में फोन करके, ई-मेल के माध्यम से, घरों में अब स्क्रैच कैश बाउचर भेजकर, वाहनांे के बेचने के नाम पर सहित उपभोक्ताओं को सामान खरीददारी के नाम पर ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। इसमें लोगों को लालच देकर लाखों रुपए की ठगी की जा रही है। इतना ही नहीं, बैंक अकांउट की डिटेल प्राप्त करके भी व्यक्ति के बैंक खातों को खाली कर दिया जा रहा है। प्रदेश में ऐसे हजारों मामलों की शिकायत अलग-अलग पुलिस थाना में दर्ज करवाई जा चुकी है, लेकिन प्रदेश पुलिस ने ऑनलाइन फ्रॉड से लोगों को बचाने के लिए अब तक कोई भी योजना नहीं बनाई है। उधर, पुलिस महानिदेशक सीता राम मरढ़ी का कहना है कि साइबर क्राइम के तहत ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने के लिए शिमला और धर्मशाला में साइबर सैल है। उन्होंने बताया कि ऑनलाईन फ्रॉड को रोकने के लिए बैंकों से भी बातचीत की गई है, जिसमें उन्हें भी बताया गया है कि सेविंग अकांउट में कम से कम अमाउंट जमा किया जाए। जबकि अन्य पैसों को बैंक खाते में रखने की बजाय फिक्सड डिपोजिट एफडी करवाया जा सकता है। इससे शातिर अधिक पैसों पर खाते से सेंध न लगा सकें। 

 कैंटीन से भरेगा पुलिस का खजाना

प्रदेश पुलिस का खजाना अब राज्य भर में चलने वाली विभिन्न 16 पुलिस कैंटीन से भी भरेगा। इसमें अब तक साढ़े तीन करोड़ रुपए की कमाई हुई है, जिसमें पुलिस विभाग को दो प्रतिशत की कमीशन प्रदान की जा रही है। इससे आने वाले समय में लाखों रुपए कमाई का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में तीन अन्य स्थानों लाहुल-स्पीति, किन्नौर और धौलकुआं में खोली जाएगी।  

सोशल मीडिया में खूब चल रहा नशे का कारोबार

सोशल मीडिया में खुलेआम नशे का कारोबार किया जा रहा है,  जिसमें नशे के व्यापारी लोगों को सोशल मीडिया में ही विभिन्न प्रकार के नशों के संबंधित जानकारी उपलब्ध करवा रहे हैं। लेकिन प्रदेश पुलिस अब तक सोशल मीडिया से खुलेआम चल रहे कारोबार पर रोक पाने में कामयाब नहीं हो पाई है। इस मामले में डीजीपी एसआर मरढ़ी का कहना है कि सोशल मीडिया में इस तरह के केस की जांच की जा रही है। ऐसे लोगों पर पुलिस को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

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