ओआरएस घोल-जिंक की गोलियां बांटीं

शिमला —शिमला में सोमवार से सघन दस्तनियंंत्रण पखवाड़ा शुरू हो गया है। शिक्षा, विधि व संसदीय मामले मंत्री सुरेश भारद्वाज ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छोटा शिमला में पांच वर्ष की आयु तक के बच्चों को ओआरएस घोल व जिंक की गोलियां देकर जिला स्तरीय सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़े का शुभारंभ किया। सुरेश भारद्वाज ने इस अवसर पर कहा कि यह पखवाड़ा 24 जून, 2019 से 31 अगस्त, 2019 तक चलेगा तथा इसके दौरान जिला के सभी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर सघन दस्त नियंत्रण के लिए पांच वर्ष तक की आयु वाले सभी बच्चों को ओआरएस तथा जिंक की गोलियां दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि पहले देशभर में डायरिया के कारण बच्चों की मृत्यु दर लगभग एक लाख तक सामान्य तौर पर हो जाती थी, लेकिन भारत सरकार व प्रदेश सरकार के प्रयासों से डायरिया पर काफी हद तक नियन्त्रण कर लिया गया है। सरकार द्वारा वर्ष 2025 तक डायरिया के कारण बच्चों की मृत्यु दर शून्य करने के लिए भरसक प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डायरिया की बीमारी गंदा पानी पीने तथा खाने में पूर्ण पौष्टिक आहार न होने की वजह से होती है। उन्होंने कहा कि डायरिया की बीमारी पर नियंत्रण के लिए लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीण स्तर पर तथा विशेषकर झुग्गी-झांेपड़ी वाली बस्तियों में प्रचार-प्रसार करने पर बल दिया।

क्या कहना है सीएमओ डा. नीरज मित्तल का

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. नीरज मित्तल ने बताया कि शिमला में डायरिया से ग्रसित बच्चे को एक लीटर साफ पानी में पूरा पैकेट ओआरएस का मिश्रण डालें तथा अच्छी तरह घोलें और बच्चे को दस्त के बाद ओआरएस का घोल पिलाते रहें। उन्होंने बताया कि 02 से 06 माह के शिशु के लिए जिंक की आधी गोली दस मिलीग्राम मां के दूध में मिलाकर बच्चे को पिलाएं तथा 06 माह से 05 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चे को जिंक की गोली 20 मिलीग्राम पानी में अच्छी तरह घोलकर दें।

कार्यक्रम मंे ये रहे मौजूद

इस अवसर पर पार्षद डा. किमी सूद, पूर्व मंडलाध्यक्ष एवं पार्षद राजेश शारदा, वरिष्ठ कार्यकर्ता राजू ठाकुर, विनय सूद, रमण बिज, राज कुमार बिज, विभूति डढवाल, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डा. अजय गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. नीरज मित्तल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एचआर ठाकुर, जिला कार्यक्त्रम अधिकारी डॉ. मुनीष सूद व डा. रमण गुलेरिया, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छोटा शिमला की प्रभारी डा. नीलम पठानिया तथा जिला आईईसी के प्रभारी कुलदीप नाहर एवं ओएसडी डा. मामराज पुंडीर भी उपस्थित थे।

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