औपचारिकताएं बाद में निपटा लेना, पहले उद्योग लगाओ

नई उद्योग नीति पर मुहर, निवेशक किस्तों में दे सकेंगे प्लाट का पैसा

शिमला —लगभग 15 साल बाद हिमाचल प्रदेश ने नई इंडस्ट्रीयल पालिसी लाई है। बदलते दौर के साथ निवेशकों को राज्य में क्या नया चाहिए, उसे ध्यान में रखकर सरकार ने यह पालिसी बनाई है। पालिसी में हर वर्ग के निवेशक पर राहत की बौछार हुई हैं। बड़े निवेश का खींचने के लिए ऐसे कई प्रावधान किए गए हैं, जो कि दूसरे राज्यों में नहीं हैं। उनसे आगे निकलते हुए प्रदेश सरकार ने नई इंडस्ट्रियल पालिसी को शनिवार को मुहर लगा दी है। सरकार ने निवेशकों को उद्योग लगाने से पहले सेल्फ सर्टिफिकेशन की छूट देते हुए कहा है कि वह पहले उद्योग लगा दें और बाद में इससे संबंधित औपचारिकता को पूरा करें। यह छूट नए निवेश खासकर लघु व मध्यम दर्जे के उद्योगों के लिए होगी। उद्योगपति यहां पर अपने उद्योग के लिए  सरकारी जमीन या प्लाट की राशि आसान किस्तों में दे सकते हैं। इससे खासकर छोटे उद्योगों को अधिक मुनाफा मिलेगा। केंद्र सरकार द्वारा बंद की गई ट्रांसपोर्ट सबसिडी से आगे बढ़ते हुए राज्य सरकार ने खुद निवेशकों को ट्रांसपोर्ट सबसिडी देने का ऐलान किया है। इसके तहत कैटेगरी-बी में आने वाले उद्योगों को अधिकतम 20 लाख की सबसिडी सरकार देगी, वहीं कैटेगरी-सी में आने वाले उद्योगों को अधिकतम 30 लाख रुपए तक की सबसिडी मिलेगी। यह राहत तीन से पांच साल तक के लिए होगी। जमीन की खरीद में स्टांप ड्यूटी व रजिस्ट्रेशन फीस पर 90 फीसदी तक की छूट रहेगी। इसके साथ उद्योगपतियों को स्टेट जीएसटी में भी राहत मिलेगी।  स्टेट जीएसटी की रिइंबर्समेंट में 90 फीसदी तक की राहत सात साल के लिए मिलेगी। पांलिसी में प्रावधान किया गया है कि 80 फीसदी से अधिक हिमाचलियों को रोजगार देने वाले उद्योगों को प्रतिवर्ष 12 हजार प्रति अतिरिक्त कामगार के हिसाब से पैसा दिया जाएगा। प्रदेश में निजी क्षेत्र में इंडस्ट्रियल पार्क का निर्माण करने वाले उद्योगपतियों को कैपिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर सबसिडी दी जाएगी। इनको अधिकतम 25 करोड़ रुपए तक की सबसिडी होगी। इसमें एग्रो, हर्बल, नॉलेज, फूड, आईटी, व ईएसडीएम फार्मा के साथ टेक्सटाइल पार्क निर्माण के लिए यह सबसिडी मिलेगी। एक्सपोर्ट उद्योगों को शिपमेंट में 50 फीसदी तक की रिइंबर्समेंट भी सरकार देगी। इसके साथ उद्योगपतियों को इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी  पर 15 फीसदी तक की छूट होगी। यह छूट तीन साल के लिए प्रदान की जाएगी।  हैंडिक्राफ्ट व हैंडलूम सेक्टर को भी नई पालिसी में अलग से रियायतें दी जानी हैं। गरीब तबके लिए भी सरकार ने इसमें प्रावधान रखा है।

और भी बहुत कुछ

30 लाख तक अधिकतम ट्रांसपोर्ट सबसिडी देगी सरकार

लैंड यूज बदलने पर नहीं लगेगी फीस

जीएसटी में राज्य कोटे से सात साल तक 90 फीसदी की छूट

हिमाचलियों को 80 फीसदी से ज्यादा रोजगार देने पर लाभ

प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क के लिए 25 करोड़ की कैपिटल सबसिडी

इलेक्ट्रिसिटी डयूटी पर 5 साल के लिए 15 फीसदी की छूट

 

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