कड़क धूप ने निचोड़े छात्र

नालागढ़—औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में भीष्ण गर्मी में स्कूली बच्चों को हो रही परेशानी से निजात दिलाने के लिए स्कूल समयसारिणी में बदलाव की मांग गहराने लगी है। बच्चों के अभिभावकों ने मैदानी क्षेत्र के स्कूलों की टाइमिंग बदलने की पुरजोर मांग उठाई है। अभिभावकों का कहना है कि भीष्ण गर्मी में स्कूलों में उनके बच्चों को भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं और जब दोपहर बाद बच्चे स्कूलों से घरों को आते हैं, तो गर्मी अपने यौवन पर होती है। अभिभावकों का कहना है कि क्षेत्र का अधिकतम तापमान 46 डिग्री तक पहंुच चुका है, लेकिन जिला प्रशासन ने अभी तक स्कूलों की टाईमिंग को नहीं बदला है। अभिभावकों के अलावा अध्यापक संगठनों ने भी स्कूलों की टाइमिंग बदलने की मांग की है। इस संबंध में हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के पदाधिकारी शनिवार को उपमंडल प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे। जानकारी के अनुसार मैदानी इलाकों में सूर्यदेव का सितम जारी है और ऐसे में मैदानी क्षेत्रों के स्कूलों की टाइमिंग बदलने की मांग उठनी शुरू हो गई है। बताया जाता है कि पड़ोसी जिला ऊना में स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव कर लिया गया है, लेकिन जिला सोलन के तहत मैदानी इलाकों के स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव नहीं किया गया है। क्षेत्र का अधिकतम तापमान दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है और ऐसे में स्कूलों में बच्चों को नौ से तीन बजे तक का समय काटना मुश्किलों भरा हो जाता है, इसलिए स्कूलों की टाइमिंग सुबह 7ः30 बजे से 12ः30 बजे करने की मांग गहरा गई है। अभिभावक मोहित, प्रवीण, अतुल शर्मा, विक्रमजीत, जगत सिंह आदि का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में अत्यधिक गर्मी पड़ रही है, जिसके चलते स्कूलों के बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष नरोत्तम वर्मा, महासचिव कश्मीरी लाल, वित्त सचिव राकेश शर्मा ने कहा कि क्षेत्र के स्कूलों की टाईमिंग बदलने के लिए उपमंडल प्रशासन को मांगपत्र सौंपा जाएगा, ताकि स्कूलों की टाईमिंग में बदलाव हो सके, जिससे बच्चों को राहत मिल सके। डीसी सोलन विनोद कुमार ने कहा कि अभी तक मैदानी इलाकों के स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव नहीं हुआ है और यदि मांग आती है तो इसमें बदलाव किया जाएगा।

 

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