कब होगा चंबा का विकास

– उत्तम सूर्यवंशी, किहार, चंबा

जिला चंबा पर्यटन और धार्मिक स्थलों को लेकर देश-प्रदेश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में प्रसिद्ध है। धार्मिक दृष्टि से बात की जाए, तो  जिला में कई प्राचीन धार्मिक स्थल मौजूद हैं, जो अपने अंदर इतिहास समेटे हुए हैं। कैलाश पर्वत, जो मणिमहेश नाम से दुनियाभर में प्रसिद्ध है। इसके अलावा जिला चंबा में कई प्रकार की प्राकृतिक वन संपदा व कई प्रकार की जीवनदायिनी औषधियां भी मौजूद हैं। कहा जाए तो कुदरत ने इस जिले को संवारने में कोई भी कसर नहीं छोड़ी है, लेकिन इसके बावजूद यह जिला आज मूलभूत सुविधाओं के अभाव में देश के पिछड़े जिलों की सूची में शामिल है। ऐसा नहीं है कि यहां प्रतिभाओं की कमी है, लेकिन उनको निखारने की कमी है। यहां के अस्पतालों में न तो आधुनिक चिकित्सा उपकरण हैं और न ही काबिल चिकित्सक हैं। चिकित्सकों के बहुत से पद रिक्त पड़े हैं। वही हाल शिक्षा का है। जिले के 80 प्रतिशत स्कूलों, कालेजों में शिक्षकों के पद रिक्त हैं। कई स्कूल डेपुटेशन के सहारे ही चल रहे हैं, जिससे शिक्षा में उत्थान की जगह शिक्षा का हाल बेहाल हो रहा है। जिला में अगर सड़क की बात की जाए, तो कई इलाके इससे भी महरूम हैं। यहां कोई उद्योग न होने के कारण बेरोजगारी बढ़ रही है। चंबा जिला को अगर सच में इस पिछड़ेपन की सूची से निकालना है, तो इन मूलभूत सुविधाओं को जुटाने व दुरुस्त करने की आवश्यकता है। सरकार से आग्रह है कि जिला चंबा के प्रत्येक क्षेत्र में सड़क सुविधा मुहैया करवाई जाए। अस्पतालों में चिकित्सक हों, स्कूलों में शिक्षकों के सभी पद भरे जाएं व यहां उद्योग स्थापित किए जाएं।

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