कमजोर नजर वाले बच्चें को फ्री ऐनक

हमीरपुर—मुख्य चिकित्सा अधिकारी  कार्यालय सभागार हमीरपुर में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम  हेतु  एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर अर्चना सोनी ने किया। कार्यशाला का आयोजन व प्रबंधन जिला कार्यक्रम अधिकारी डाक्टर अरविंद कौंडल ने किया। इस अवसर पर राज्य व जिला प्रशिक्षक तथा बीएमओ नादौन डाक्टर अशोक कौशल, जिला कार्यक्रम अधिकारी डाक्टर सुनील वर्मा, जिला जनशिक्षा एवं सूचना अधिकारी सतीश शुक्ला भी मौजूद  रहे। इसके अलावा जिला के सभी छह खंडों की बारह एमएचटी टीमों के करीब 35 चिकित्सा अधिकारियों एवं फार्मासिस्ट ने भाग लिया। सीएमओ ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की स्क्रीनिंग तत्काल की जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों में 48 प्रतिशत हाई कवरेज है। निरंतर स्क्रीनिंग के बाद संख्या में कमी आई है। टीमों को जो वाहन  मिले हैं, उनको  दो हजार किलोमीटर प्रतिमाह के हिसाब से चलाएं। इसे आपातकाल में टीम के स्थान से गंभीर बीमारी से पीडि़त मरीज को रैेफर करने संबंधित बीएमओ द्वारा और राष्ट्रिय कार्यक्रमों का प्रयोग सुनिश्चित करने, वाहन का जीपीएस सिस्टम ठीक रखें, जो मशीनें खराब हंै, उन्हें तत्काल ठीक करवाएं। गंभीर बीमारियों से पीडि़त चिन्हित बच्चों,  विद्यार्थियों को रैफर करने के बाद उनका इलाज हुआ या नहीं इसका फॉलोअप करें। उन्होंने कहा कि स्क्रीनिंग में जिन बच्चों की नजर कमजोर है, उन्हें ऐनक फ्री लगाई जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी व बीएमओ को आदेश दिए कि खंड स्तर पर सभी बच्चों को ऐनक देना सुनिश्चित करें। समस्त जिला के पीएचसी स्तर पर भी चिकित्सा अधिकारी सपोर्ट सुपरविजन करेंगे।

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