कांगड़ा एयरपोर्ट पर अब एयरबस उतारने की तैयारी

हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के लिए एसीएस राम सुभग सिंह ने खुद गगल पहुंच लिया जायजा

धर्मशाला    – कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण को अब नए सिरे से प्रयास शुरू हो गए हैं। अब यहां बड़े जहाज यानी एयरबस उतारने की तैयारी चल रही है। इसके लिए मंगलवार को एडीशनल चीफ सेक्रेटरी राम सुभग सिंह ने उपायुक्त कांगड़ा राकेश कुमार प्रजापति सहित अन्य अधिकारियों के साथ विस्तारीकरण संबंधी सभी पहलुओं का जायजा लिया। मौजूदा समय में कांगड़ा एयरपोर्ट के छोटे रन-वे के कारण मात्र 50 सवारियां ही यहां से लाने और ले जाने की अनुमति है, लेकिन नए प्रोपोजल के मुताबिक यहां 180 सीटर एयरबस उतारी जा सकती है। पीक सीजन पर कांगड़ा एयरपोर्ट पर पांच जहाज आ रहे हैं और सभी पूरी तरह पैक चल रहे हैं। अधिक किराया होने के बावजूद टिकट के लिए मारामारी है। यदि एयरबस शुरू हो जाए, तो कम किराया होने के चलते यहां सैलानियों सहित स्थानीय लोगों  का आवागमन इतना बढ़ जाएगा कि कांगड़ा एयरपोर्ट बड़ा जंक्शन बन जाएगा। इससे कांगड़ा-चंबा, कुल्लू-मंडी सहित ऊना व हमीपुर के स्थानीय लोगों सहित पर्यटन कारोबार को भी पंख लगेंगे। कांगड़ा एयरपोर्ट पर आने वाली सभी फ्लाइट्स फुली पैक होने और महंगी टिकट के बावजूद मारामारी को देखते हुए प्रदेश सरकार और प्रशासन भी हरकत में आ गए हैं। उपायुक्त राकेश प्रजापति ने आते ही निचले हिमाचल की इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना पर बड़े स्तर पर काम शुरू कर दिया है। मंगलवार को पर्यटन सहित सिविल एविएशन को देख रहे एसीएस राम सुभग सिंह भी स्वयं पहुंच गए और उन्होंने इस एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए तुरंत रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। उन्होंने यहां पहुंचकर हवाईअड्डे के विस्तारीकरण को लेकर तमाम औपचारिकताओं का जायजा लिया। इतना ही नहीं उन्होंने कुछ दिन पूर्व ही भेजे प्रोपोजल के स्थान पर बड़े जहाज उतारने के लिए नया प्रोपोजल भेजने के निर्देश दिए हैं, जिस पर उपायुक्त कांगड़ा ने संबंधित विभागों को तुरंत प्रभाव से कागजात तैयार करने को कह दिया है। करीब एक सप्ताह के भीतर कांगड़ा और शाहपुर दोनों एसडीएम के कार्यक्षेत्र में आने वाले भूमि संबंधी कागजात तैयार हो जाएंगे। कांगड़ा एयरपोर्ट पर अब एयरबस उतारने के लिए बड़ा एयरपोर्ट बनाने की तैयारी शुरू हो गई है, जिससे यहां 180 सीटर विमान उतारा जा सके। हालांकि इस प्रक्रिया के बाद केंद्र सरकार के उड़न मंत्रालय का रोल भी अहम होगा। इससे पहले भी कई बार प्रोपोजल जा चुके हैं, लेकिन वे सिरे नहीं चढ़ पाए थे। ऐसे में अब प्रदेश सरकार व प्रशासन इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना को कितना जल्द सिरे चढ़ा पाते हैं, इस पर सबकी निगाहें रहेंगी।

अभी रोजाना आ रहे पांच विमान

मौजूदा समय में स्पाइसजेट के तीन और एयरइंडिया के दो जहाज यहां आ रहे हैं, लेकिन छोटा एयरपोर्ट होने के कारण यहां आने वाले पर्यटकों को जहाज की टिकट न मिल पाने के कारण निराश होना पड़ रहा है। इसका सीधा असर कांगड़ा सहित निचले हिमाचल के पर्यटन कारोबार पर पड़ रहा है।

विस्तार तो होगा ही

उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति का कहना है कि कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का कार्य प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है और इसे पूरा करने के लिए वह सभी औपचारिकताओं को बिना देरी किए पूरा करवाने का कार्य कर रहे हैं। वह पिछले कुछ दिनों से लगातार इन परियोजनाओं का निरीक्षण करने के अलावा इस पर काम कर रहे हैं। अब 13 जून को फिर से सारी व्यवस्थाओं को रिव्यू किया जाएगा।

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