कालका रेलवे स्टेशन में सैलानियों की भीड़

पंचकूला – मैदानी इलाकों में गर्मी के प्रकोप से बचने के लिए सैलानी पहाड़ों की रानी शिमला जाने के लिए उमड़ रहे हैं। टॉय ट्रेन से शिमला तक का सफर करने के लिए कालका रेलवे स्टेशन पर भीड़ बढ़ने लगी है। इसका एक कारण स्कूलों में ग्रीष्म अवकाश भी है। पहाड़ों पर आसमान छूते देवदार के पेड़ प्रकृति के सुंदर खजाने से युक्त कालका से शिमला तक 96 किलोमीटर लंबे पांच से छह घंटे का पूरा सफर रोमांचकारी है, जिसे निहारने के लिए टॉय ट्रेन सबसे अच्छा साधन है। रास्ते में 102 सुरंगें हैं, जिनमें से बड़ौग की सबसे लंबी सुरंग को पार करने में ट्रेन को तीन मिनट लगते हैं। एक ही अतिरिक्त होली-डे स्पेशल ट्रेन नहीं काफी टॉय ट्रेन अब यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में आ गई है। देश-विदेशी सैलानी इस ओर खिंचे चले आते हैं। इसी को देखते हुए रेलवे विभाग ने फिलहाल एक अतिरिक्त होली-डे स्पेशल ट्रेन चलाई है, जो दोपहर 12.45 बजे चलने वाली अंतिम ट्रेन है। समर सीजन में दो होली-डे स्पेशल ट्रेन की जगह इस बार एक ही ट्रेन चलाई गई है और दोपहर के बाद शिमला के लिए कोई ट्रेन न होने के कारण अधिकतर सैलानियों को ट्रेन में सीटें न मिलने के कारण निराशा हाथ लगती है, उन सैलानियों को मजबूरन सड़क रास्ते के ट्रैफिक जाम में टैक्सी या बस से शिमला जाना पड़ता है।

एक माह पहले करवाएं बुकिंग

टॉय ट्रेन की बुकिंग अन्य ट्रेनों की दो महीने की बजाय एक माह पूर्व ही खुलती है। इसलिए गर्मियों और सर्दियों के लिए सप्ताह के सातों दिन देशभर में पहले ही बुकिंग हो जाती है। रेलवे विभाग दशहरा, नए साल की छुट्टियों और क्रिसमस की पूर्व संध्या के दौरान स्पेशल ट्रेनें चलाता है। इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों में सबसे पहले सुबह 3ः30 बजे, 5ः10, 5ः45, 6ः20 और 12ः10 बजे की रोजाना रुटीन की ट्रेनें हैं, जबकि 12ः45 बजे पर्यटन सीजन में होली-डे स्पेशल ट्रेन चलाई जाती है। पहले सुबह सात बजे भी स्पेशल ट्रेन चलती थी, लेकिन वह इस बार नहीं चलाई। 

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