किताब मिलीकेशवा मृत

‘केशवामृत’ अब बाजार में है। यह वास्तव में श्री श्री श्री ठाकुर केशवचंद्र जी की जीवनी है जिसे संग्रहकर्ता व लेखक अनिल चावला ने लिखा है। अध्यात्म में रुचि रखने वाले लोगों को यह किताब पसंद आएगी, ऐसा विश्वास है। इस किताब के माध्यम से ठाकुर जी के शरीर पर दिव्यत्व के चिन्हों के उजागर होने से शरीर छोड़ कर अलग-अलग रूप में दर्शन देने जाने (परकाया प्रवेश) और उनके साथ जुड़े समस्त रहस्यों को उजागर करने का प्रयास किया गया है। पुस्तक के प्रथम भाग में 25 वर्षों का वृत्तांत है जिसमें बाल लीलाएं दी गई हैं। दूसरे भाग में ठाकुर जी के लीला रहस्य, अंत में शरीर का अस्वस्थ होना व शरीर त्यागने का रहस्य दिया गया है। तीसरे व अंतिम भाग में ठाकुर जी का जन्म रहस्य, चरम पत्रिका व उसमें लिखित ज्ञान तथा संघ की नियमावली से जुड़े गुप्त रहस्य दिए गए हैं। इसके अलावा ठाकुर जी ने दुष्कृति के विनाश तथा धर्म की स्थापना के लिए क्या-क्या किया, वह हम सब के लिए क्या देकर गए, इसका भी ब्योरा रोचकता के साथ पेश किया गया है। 396 पृष्ठों की इस किताब को सरल हिंदी में लिखा गया है।

-फीचर डेस्क

केशवामृत, अनिल चावला, ओउम एडवाइजर्स, पंचकूला, 350 रुपए

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