किसानों को खेतीबाड़ी सिखा रहा सोशल मीडिया

भुंतर—स्वरोजगार अपनाने की डगर पर निकले कुल्लू के किसान-बागबानों को सोशल साइट्स के साथ खेतीबाड़ी सिखा रहे हैं। वैज्ञानिक तकनीकों से आधुनिक खेती के टिप्स लेने के लिए सोशल मीडिया किसानों का सबसे बड़ा हमसफर और मार्गदर्शक बन रहा है। इसके जरिए कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से चंद मिनटों में किसानों-बागबानों को समस्याओं के माकूल जवाब मिल रहे हैं। लिहाजा, सोशल मीडिया पर घाटी के किसानों-बागबानों ने कब्जा जमा लिया और इसमें खेतीबाड़ी से संबंधित पोस्ट सुबह से शाम नजर आने लगी है। बता दें कि कुछ साल पहले तक किसान अपनी समस्याओं को हल करने के लिए मारा-मारा फिरता था और सूचना के अभाव में सही ज्ञान नहीं मिल पाता था। लेकिन हाल ही के सालों में किसानों के हालात सोशल मीडिया ने कारगार बना बदलने आरंभ कर दिए हैं। जिला कुल्लू के किसानों के लिए हाल ही सालों से सरकार के निर्देशों के बाद केवीके कुल्लू किसान व्हाट्स समूह बनाया गया है। इस समूह पर हर रोज किसान विशेषज्ञों से फसलों में लगी बीमारियों, कीड़ों और अन्य परेशानियों का समाधान पूछ रहे हैं तो 24 घंटों के भीतर विशेषज्ञों का मागर्दर्शन इन्हे मिल रहा है। इसके अलावा फेसबुक पर कुल्लू के किसान बागबान नाम से समूह किसानों के बीच चर्चा का कारण बना है। इसमें कुल्लू के अलावा प्रदेश के किसानों सहित किसान संगठनों, कृषि वैज्ञानिकों व विशेषज्ञों को जोड़ा गया है। करीब दो साल में इसमें दस हजार हजार से अधिक किसान जुड़े हैं। इस पर हर रोज कृषि-बागबानी के मसलों पर किसान व्यापक चर्चा कर रहे हैं। सोशल मीडिया समूहों के जरिए कृषि-बागबानी की चर्चा करने वाले किसानों हैपी बिष्ट, जितेंद्र ंिसंह, नरेंद्र ठाकुर कहते हैं कि घर बैठे ही विशेषज्ञों से रू-ब-रू होने का मौका मिल रहा है।

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