किसान सम्मान निधि….जल्द करवाएं इंतकाल

ऊना—उपायुक्त ऊना संदीप कुमार ने कहा है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए मृतक किसानों के उत्तराधिकारी जल्द से जल्द भूमि का इंतकाल करा लें। ऐसे उत्तराधिकारी किसानों को इस योजना का लाभ तभी मिल पाएगा, जब राजस्व रिकार्ड में भूमि उनके नाम पर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हालांकि सरकार ने योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए एक फरवरी-2019 तक भू-राजस्व रिकार्ड में किसान का नाम होने की शर्त लगाई है, लेकिन उत्तराधिकार से कृषि योग्य भूमि के मालिक बनने वाले किसान लगातार इस योजना के अंतर्गत पात्र हैं। डीसी ने कहा कि नए आवेदक किसी भी पंचायत कार्यालय, बीडीओ आफिस या पटवारघर से फार्म प्राप्त कर सकते हैं। संदीप कुमार ने कहा कि अगर फार्म उपलब्ध न हों या फिर इस योजना से जुड़ी कोई भी शिकायत हो तो वे जिला राजस्व अधिकारी ऊना के कार्यालय में लैंडलाइन नंबर 01975-226068 या मोबाइल नंबर 7018999704 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह इस योजना की स्वयं हर हफ्ते मॉनिटरिंग करेंगे, ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने अब किसानों के लिए दो हेक्टेयर से कम भूमि होने की शर्त भी खत्म कर दी है। इसका मतलब है कि अब हृ्यस् हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले पात्र किसानों को भी इस योजना के अंतर्गत लाभ मिल पाएगा।

योजना का लाभ लेने को ऐसे करें आवेदन

उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को उन्नत बीज, खाद, कीटनाशक व बिजाई के लिए प्रतिवर्ष 6000 रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवा रही है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में पात्र किसान के बैंक खाते में जमा की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए किसान को एक आवेदन प्रपत्र भरकर देना होगा। इस आवेदन प्रपत्र में किसान को मांगी गई पूर्ण जानकारी के साथ अपना पूरा पता, बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड एवं अपने आधार कार्ड की फोटोस्टेट प्रति लगानी होगी। इसे संबंधित पटवारी द्वारा सत्यापित किया जाएगा।

इन्हें नहीं मिलेगा स्कीम का लाभ

उपायुक्त संदीप कुमार ने कहा कि सभी किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं लेकिन कुछ शर्तें भी हैं। उन्होंने कहा कि किसान किसी संस्थागत भूमि का स्वामी नहीं होना चाहिए। इसके अलावा ऐसे किसान परिवार जिनके एक या एक से अधिक सदस्य पूर्व या वर्तमान में किसी संवैधानिक पद, मंत्री, राज्य मंत्री, लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा, विधान परिषद के सदस्य अथवा नगर निगम के मेयर या जिला पंचायत के अध्यक्ष हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके साथ-साथ केंद्र या राज्य सरकार के मंत्रालयों, कार्यालयों, विभागों व क्षेत्रीय इकाइयों के सभी सेवानिवृत अधिकारी व कर्मचारी, केंद्रीय या राज्य सरकारी क्षेत्र के उद्यम तथा संबंध कार्यालय, स्वतंत्र संस्थाएं तथा स्थानीय निकायों के स्थानीय कर्मचारी भी किसान सम्मान निधि योजना के दायरे में नहीं आएंगे। डीसी ने कहा कि सभी अधिवर्षिता, पेंशनभोगी जिनकी मासिक पेंशन 10 हजार या इससे ज्यादा है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सभी व्यक्ति जिन्होंने गत वर्ष आयकर अदा किया हो तथा डाक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट तथा व्यावसायिक संस्थाओं से पंजीकृत वास्तुकार भी इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे।

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