कुठाड़ पीएचसी में मात्र एक नर्स

चंडी –क्षेत्र की पांच पंचायतों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के मकसद से स्तरोन्नत किया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुठाड़ आज एक मात्र नर्स व चपरासी के सहारे चल रहा है । आसपास की पंचायतों के पांच हजार लोगों की सेहत जांचने के लिए यहां दो डाक्टर, एक स्टाफ  नर्स, एक औषधि संयोजक, प्रयोगशाला व नेत्र तकनीशियन, पर्यवेक्षक व सफाई कर्मचारी के पद स्वीकृत हंै ,लेकिन पिछले दो साल से प्रयोगशाला तकनीशियन व फार्मासिस्ट के तबादला होने व नेत्र तकनीशियन के सेवानिवृत्त होने के बाद यहां पर किसी की तैनाती नही की गई । वहीं, यहां सेवा दे रही। कृष्णगढ़ उपतहसील के तहत सभी विभागों के एक दर्जन से ज्यादा सरकारी कार्यालय यहां स्थित है व इसके अलावा निजी स्कूल व कंपनियों के यूनिट यहां। स्थित हैं ऐसे में लोगों का इलाज के अलावा मेडिकल, ड्राइविंग लाइसेंस व अन्य सत्यापन कार्य के लिए चिकित्सालय में आना-जाना लगा रहता है, लेकिन पर्याप्त स्टाफ  न होने की वजह से लोग यहां से मुंह मोड़ रहे हंै व निराश होकर वापस लौटते हैं। चिकित्सालय में नाममात्र के रोगी आ रहे हैं व करोड़ों रुपए से बने इस भवन में अधिकतर समय  सन्नाटा पसरा रहता है । प्रयोगशाला में मौजूद यंत्र धूल फांक रहे है । लोगों को इलाज के लिए सोलन, कुनिहार, सुबाथू  व शिमला का रुख करना पड़ रहा है, जिससे उनके समय व पैसा दोनों की बर्बादी हो रही है। स्कूली बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे विभाग व सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व पंचायत सदस्य प्रेमराज शर्मा ने बताया की स्वास्थ्य केंद्र में एक नर्स की तैनाती यह आज तक के इतिहास में पहली बार हुआ है। उधर पंचायत प्रधान रामनाथ वशिष्ठ ने बताया कि पंचायत के माध्यम से भी स्टाफ  की तैनाती के बारे में विभाग को लिखा जा चुका है लेकिन अभी कोई कार्रवाई नही हुई है। वहीं, खंड स्वास्थ्य अधिकारी चंडी डा. संगीता उप्पल ने बताया कि पूरे ब्लॉक में डॉक्टरों की कमी है व उच्च अधिकारियों को समय समय पर खाली पदों की सूचना दे दी जाती है। कुठाड़ में फार्मासिस्ट के आदेश किए गए हैं।

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