कुल्लू में तेज हवा, ओलावृष्टि ,आग का तांडव

खनाग में सेब-प्लम की फसलें तबाह, बागबानी विभाग ने नुकसान का जायजा लेने के लिए टीमें की रवाना

कुल्लू -जिला कुल्लू में प्राकृतिक आपदा का कहर यूं बरपा कि किसान-बागबान की अच्छी कमाई करने की उम्मीदें कुछ देर में देखते ही देखते ढेर कर दी गइर्ं। मंगलवार दोपहर से लेकर तीन-चार घंटे जहां जिला मुख्यालय कुल्लू, भुंतर, मौहल एरिया में तेज हवाएं चली, जिससे सेब, प्लम, नाशपाती सहित अन्य फसलें धड़म हो गइर्ं। वहीं, जिला कुल्लू के आनी उपमंडल के खनाग समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि होने से सेब, आलू समेत अन्य फसलें तबाह हो गई हैं। सूचना मिलने के बाद बागबानी विभाग ने अपनी टीमों को मौके पर जाकर जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। वहीं, जिला मुख्यालय कुल्लू के साथ लगते चामुंडानगर के पीछे लगते चीड़ के जंगल में आग लगी। शरारती तत्त्वों द्वारा लगाई गई आग ने काफी बड़े एरिया को अपनी आगोश में ले लिया है। लिहाजा, मंगलवार का दिन जिला कुल्लू के किसान-बागबानों के लिए भी कहर भरा रहा। बता दें कि जिला कुल्लू के विभिन्न इलाकों में ठीक दोपहर 12 बजे तेज हवा व तूफान शुरू हो गया है। जहां कुछ दिनों पहले तूफान ने जमकर कहर बरपाया। वहीं इस समय चल रही तेज हवा ने रोंगटे खड़े कर दिए हैं। तेज हवा से फलदार पेड़ों की टहनियां ही नहीं बल्कि फल भी जमीन में गिर गए। तेज हवाओं से धूल-मिट्टी उठी और शहर एकदम धूल मिट्टी में तबदील हो गया। मौहल वासी राजपाल, खेम सिंह, राम सिंह और महेंद्र का कहना है कि तेज हवा होने से सेब, नाशपाती और प्लम की फसल जमीन पर धड़म हो गई है। लगभग 30 से 40 फीसदी फसलों को नुकसान पहुंचा है। उधर, बागबानी विभाग के एसएमएस डा. उत्तम पराशर ने बताया कि मौहल, आनी में फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है। फील्ड स्टाफ को मौके का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं।

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