कुल्लू में न्यायाधीश की नसीहत

कुल्लू—हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश एवं राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति धर्म चंद चौधरी ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि समाज में किसी भी व्यक्ति को संसाधनों के अभाव में अथवा आर्थिक कारणों से न्याय प्राप्त करने से वंचित नहीं रखा जा सकता। इसी उद्देश्य के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की स्थापना की गई है। प्राधिकरण समितियां जिला स्तर पर तथा उपमंडल स्तर पर ऐसे पात्र लोगों को निःशुल्क न्याय प्रदान करती हैं जो गरीब हैं, पिछड़े हैं, सभी महिलाएं, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति से संबंध रखते हैं। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका का उद्देश्य समाज से बुराइयों को दूर करना भी है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि समाज में बढ़ता भौतिकतावाद अवसाद का कारण है। पैसा कमाने की होड़ है और काम करना कोई नहीं चाहता। जिम्मेदारियों से भागना कहां तक उचित है, इस पर सभी को चिंतन करने की आवश्यकता है। उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता सत्येन वैद्य ने पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा करते हुए कहा कि बेशक विकास आवश्यकता है लेकिन जंगलों के कटान की कीमत पर नहीं होना चाहिए। एक पेड़ कटता है, तो कम से कम चार पेड़ लगाने की योजना होनी चाहिए। नई पीढ़ी इस दिशा में सकारात्मक भूमिका अदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि बचपन से सोच विकसित की जानी चाहिए कि पेड़ों को लगाना और इन्हें बचाना कितना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हम संसाधनों के संरक्षक है न कि मालिक। उन्होंने कहा कि कानून तब तक सार्थक नहीं होता, जब तक जनमानस इसे अपना न लें। प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं और इनका सदुप्रयोग किया जाना चाहिए। जन प्रतिनिधियों को वन लगाने जैसे अभियान को जन आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है। पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री ने महिलाओं और बच्चों से संबंधित मुद्दों और नैतिक मूल्यों के पतन पर विस्तार से अपने विचार रखें।  कार्यशाला में नालसा पर थीम गीत तथा वृतचित्र भी प्रदर्शित किए गए। इससे पूर्व जिला विधिक सेवाएं के अध्यक्ष जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुरेंद्र वैद्य ने मुख्यातिथि, अन्य गणमान्य अतिथियों, और सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रेम पाल रांटा ने मुख्यातिथि, अन्य गणमान्य अतिथियों, वक्ताओं और सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया। राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के प्रशासनिक अधिकारी गौरव महाजन ने किया।  इस अवसर पर न्यायिक, प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों के अलावा बार एसोसिएशन कुल्लू, मनाली व बंजार के पदाधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।

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