कृषि उत्पादकता बढाने पर होंगे 25 लाख करोड खर्च

देश की बढती जनसंख्या की खाद्यान्न जरुरतों को पूरा करने के लिए सरकार अाने वाले वर्षो में कृषि उत्पादकता बढाने पर 25 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी । राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को संसद के संयुक्त अधिवेशन में अपने अभिभाषण में कहा कि मजबूत अर्थ व्यवस्था के आधार पर ही सशक्त अर्थ व्यवस्था का निर्माण संभव है । किसान ग्रामीण अर्थ व्यवस्था के आधार स्तम्भ हैं । राज्यों को कृषि के विकास में पूरी मदद मिले इसके लिए केन्द्र सरकार हर संभव प्रयास कर रही है । उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत को मजबूत बनाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किये गये हैं और कृषि क्षेत्र की उत्पादकता बढाने के लिए आने वाले वर्षो में 25 लाख करोड़ रुपये का और निवेश किया जायेगा । किसानों को अन्नदाता बताते हुए उन्होंने कहा कि खेतों में कठोर परिश्रम करने वाले किसान 60 साल की उम्र के बाद सम्मानजनक जीवन जी सकें इसके लिए पेंशन योजना शुरु की गयी है । वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गयी है , खाद्य प्रसंसकरण उद्योगों की स्थापना के लिए सौ प्रतिशत विदेशी पूंजी निवेश को मंजूरी दी गयी है और वर्षो से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया जा रहा है । इसके साथ ही फसल बीमा योजना को लागू किया गया है और सौ प्रतिशत नीम लेपित यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है । उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषि नीति को उत्पादन केन्द्रित रखने के साथ साथ आय केन्द्रित भी बनाया है ।

 

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