केंद्रीय योजनाओं पर दिल्ली में मंथन आज

मनरेगा समेत दूसरी स्कीमों पर होगी चर्चा, अपना एक्शन प्लान सौंपेगा हिमाचल

शिमला – ग्रामीण विकास के लिए चलाई जा रही केंद्रीय योजनाओं पर दिल्ली में शुक्रवार को मंथन किया जाएगा। केंद्र में एनडीए की दूसरी सरकार बनने के बाद इन योजनाओं पर पिछले वित्त वर्ष में क्या कुछ राज्य सरकार ने किया है, इस पर चर्चा की जाएगी। यहां प्रदेश सरकार अपना मौजूदा साल का एक्शन प्लान भी बताएगी कि वह आगे इन योजनाओं पर क्या कुछ करना चाहती है। पहाड़ी प्रदेश को केंद्रीय योजनाओं से क्या लाभ मिल रहा है और ग्रामीण विकास में यहां पर क्या कुछ किया जा चुका है, इस पर चर्चा की जाएगी। यहां पर पिछले साल विभिन्न योजनाओं में मिली धनराशि से कितना काम किया गया है, इस पर भी बात होगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव क्या कुछ हुए हैं, इन पर चर्चा की जाएगी। प्रदेश से ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज से जुड़े अधिकारी दिल्ली में होने वाली इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए गए हैं, जो शुक्रवार को वहां अपना अगला एक्शन प्लान बताएंगे। बता दें कि ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से हिमाचल को मनरेगा में पिछले साल 900 करोड़ रुपए की राशि मिली है। इतनी ही धनराशि को इस वित्त वर्ष में भी हासिल करने का लक्ष्य प्रदेश सरकार ने रखा है। वर्ष 2017-18 में हिमाचल को मनरेगा में 560 करोड़ रुपए की धनराशि ही हासिल हो सकी थी, जिसके मुकाबले पिछले साल केंद्र सरकार ने अधिक पैसा दिया है। इसमें 250 से ज्यादा वर्क जोड़े जा चुके हैं, जिससे हिमाचल को बेहद फायदा मिल रहा है। मनरेगा के अलावा केन्द्र सरकार के स्वच्छ भारत अभियान, आवास योजना, लाइवलीहुड मिशन, वाटरशैड तथा कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोजेक्ट प्रदेश में अलग-अलग स्तर पर चल रहे हैं। इन सभी में पिछले साल क्या-क्या काम किए जा सके हैं और उनसे क्या-क्या लाभ प्रदेश को मिले हैं, इन पर विस्तार से बात की जाएगी।

18,19 को बीडीओ संग मीटिंग

दिल्ली में होने जा रही इस बैठक के  बाद यहां प्रदेश सरकार 18 व 19 जून को सभी जिलों के बीडीओ के साथ बैठक करेगी। विभाग ने यह बैठक बुलाई है, जिसमें सभी बीडीओ को इस साल के एक्शन प्लान के बारे में बताया जाएगा और किस रणनीति के साथ वह लोेग काम करेंगे, इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। बीडीओ इसमें अपने स्तर पर किए जाने वाले कार्यों के बारे में भी बताएंगे।

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