कोलकाता-मुंबई से गर्म सोलन शहर

सोलन—इस सीजन गर्मी ने कई रिकार्ड तोड़े व कई बना लिए। लेकिन गर्मी है कि जाने का नाम ही नहीं ले रही। सूर्य देवता तो प्रचंड हुए ही हैं, रही सही कसर जंगलों में लगी आग ने पूरी कर दी। आलम यह है कि सोलन शहर अब कोलकाता एवं मुंबई जैसे शहरों से भी गर्म होने लगा है। यह बात मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों में साफ हो रही है। आंकड़ों के अनुसार सोलन शहर का तापमान रविवार को 36.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जबकि कोलकाता का तापमान 36.2 और मायानगरी मुंबई का तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जानकारों की माने तो ऐसा कई सालों बाद हुआ है जब तापमान 36. डिग्री को पार कर चुका है। अमूमन सोलन शहर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री तक माना जाता है। लेकिन इस बार पहाड़ चढ़ते पारा हर कोई बेबस है। हालांकि मई के तीसरे हफ्ते तक किसी ने सोचा भी नहीं था कि इतनी गर्मी भी होगी, क्योंकि ठंड रूक ही नहीं रही थी। लेकिन मई माह के जाते-जाते गर्मी ने अपना असली रूप दिखाना शुरू कर दिया। इस कारण अब लोगों का तो हाल बेहाल है ही साथ ही जंगली जानवर व अन्य जीव भी परेशान होने लगे है।

सुर्खियां

 जिलाभर में धूमधाम से मनाया तंबाकू निषेध दिवस

परवाणू में एक माह के भीतर मिला दूसरा शव

भट्ठी की तरह तप रहे बीबीएन के लोग

कुनिहार बस स्टैंड के पास चलती बस से गिरी युवती, घायल

विशालकाय चट्टान ने रातभर जगाए रखा प्रशासन

जाम ने निकाली पर्यटकों की हवा

खोखे हटाने आई टीम फिर लौटी बैरंग

चंडी में मां चंडी का जिला स्तरीय मेला संपन्न

 नेपाली से 6.27 ग्राम चिट्टा बरामद

वोल्वो बसों की समयसारिणी

   सुबह                          रात्रि

  9:15                         9:15

  9:45                       10:00

  11:15                       10:30

  12:13                       11:30

रेलवे की समयसारिणी

कालका से शिमला

हिमालयन क्वीन 12ः10, पैसेंजर 4ः00, लग्जरी एसी 5ः10, शिवालिक डिलक्स 5ः30, एक्सप्रेस 6ः00, कालका-शिमला

 स्पेशल 7:00

शिमला से कालका

हिमालयन क्वीन 10ः30, पैसेंजर 2ः25, लग्जरी एसी 4ः25, शिवालिक डिलक्स 5ः40, एक्सप्रेस 6ः25, कालका-शिमला स्पेशल 3:50,

शिक्षा ऐसा ब्रह्मास्त्र है जिसके उपयोग से आप दुनिया को बदल सकते हैं। छोटा बच्चा कुछ सीख जाए, उसका मार्गदर्शन हो तो उससे बड़ी कोई उपलब्धि नहीं है। यह कहना है शिक्षा के क्षेत्र में अपना सर्वस्व योगदान देने वाली अध्यापिका, प्रिंसीपल एवं समाजसेविका गुरप्रीत माथुर का। वर्ष 1981 से हिमाचल, पंजाब, राजस्थान सहित कई राज्यों में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक मोती तैयार कर चुकीं गुरप्रीत माथुर इन दिनों सोलन के गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल में बतौर प्रिंसीपल कार्यरत हैं। 13 वर्षों से यहां कार्यरत गुरप्रीत माथुर के प्रयासों से आज स्कूल भी कई बुलंदियां हासिल कर चुका है। गुरप्रीत माथुर का कहना है कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में 1981 में कदम रखा और आज तक कभी मुड़ कर नहीं देखा। इसके बाद कई राज्यों के नामी स्कूलों में बतौर अध्यापिका एवं प्रिंसीपल कार्य कर अपने अनुभव को विस्तृत किया। शिक्षा के अलावा लगातार 60 घंटे तक सोलो लाइंग का अनुभव रखने वाली गुरप्रीत माथुर प्राइवेट पायलट लाइसेंस धारक भी हैं। स्कूल समय से पहली पंक्ति में रहने वाली गुरप्रीत माथुर ने वह जज्बा आज तक कायम रखा है। अपने समय की सर्वश्रेष्ठ धाविका होने के अतिरिक्त बेस्ट प्रिंसीपल इन पंजाब, इनोवेटिव प्रिंसीपल इन इंडिया, सर्वश्रेष्ठ अध्यापिका के अलावा सोलन में रहते हुए बेस्ट प्रिंसीपल का दो बार खिताब जीत चुकीं हैं। वर्ष 1960 में अमृतसर में जन्मी गुरप्रीत माथुर का कहना है कि अभिभावकों को अपने बच्चों के लिए समय निकालना चाहिए, उन्हें सुनना चाहिए।  उनका कहना है कि बच्चों को पढ़ाई पर ही नहीं बल्कि अनेक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।

हेल्पलाइन

सदर पुलिस थाना सोलन 01792-223840,  उपायुक्त कार्यालय सोलन  01792-220656, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन 01792-223638, नगर परिषद सोलन 01792-223532, विद्युत बोर्ड शिकायत सोलन 01792-223631, अड्डा इंचार्ज सोलन 01792-226040,  अग्निशमन विभाग सोलन 01792-223888

 जाम में जिंदगी…

पर्यटन सीजन के चलते इस दफा जिंदगी जाम में है। फोरलेन निर्माण कार्य के चलते पर्यटकों को काफी असुविधा झेलनी पड़ रही है। एक घंटे के सफर में कई घंटों लग रहे हंै। इससे पर्यटकों की मस्ती का मजा तो किरकिरा हो ही रहा है। हालांकि जिला प्रशासन, पुलिस एवं फोरलेन निर्माण कार्य में जुटी कंपनी भरसक प्रयास कर रही है। बावजूद इसके जाम से निजात नहीं मिल रही। कभी रात तो कभी दिन में जाम लगने से पर्यटकों सहित आमजन को दो-चार होना पड़ रहा है।

सब्जी मंडी बन गया है मालरोड….

रविवार को सोलन शहर का मालरोड अलग ही रंग में नजर आता है। अधिकांश लोगों को यह समझ नहीं आता कि यह माल रोड है या सब्जी मंडी। बाजार बंद होने के कारण अधिकतर दुकानें बंद रहती हंै। इसी का फायदा उठाकर रेहड़ी-फड़ी वाले अपनी दुकानंे सुबह से ही लगा लेते है। इनके अलावा बाहरी राज्यों से भी अनेक लोग अपना उत्पाद बेचने यहां पहुंचते हैं। यह नजारा केवल रविवार को ही होता है। आम दिनों में तो फल एवं सब्जी विक्रेता सायंकाल के समय ही माल रोड पर पहुंचते हैं।

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