क्यों हार रही है इनसानियत

समीरा, मंडी

आए दिन बच्चियों के साथ दुराचार की खबरें रूह को झकझोर कर रख देती हैं, परंतु समझ से परे है कि आखिर कैसे उन लोगों की मानसिकता को बदलें, जो मानवीयता को भूलकर हैवान बन चुके हैं। देश में कायदे-कानून तो बन जाते हैं, पर शायद उन कायदों का पालन करवाने वाले अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सही से नहीं कर पा रहे।

 

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