क्लोथिंग उद्योग के 60 कामगारों ने प्रबंधन के खिलाफ खोला मोर्चा

बीबीएन—औद्योगिक कस्बे बरोटीवाला के तहत झाड़माजरी स्थित क्लोथिंग उद्योग के 60 के करीब कामगारों ने सुविधाएं न मिलने के चलते श्रम कार्यालय के  बाहर उद्योग प्रबंधन व श्रम विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उद्योग के कामगारों उत्तम, सुनील, दीपक, जगदेव, बलीराम, विजय, संतोष, विजय, समीर, हेमंत, जयप्रकाश, सुर्य, रमेश, जितंेद्र, रामसरन, पिंटु, रामसुरत, रूदल, महेंद्र ,गुलशन, छोटेलाल, रमेश समेत लगभग 60 के करीब कामगारों का कहना है कि हम उक्त क्लोथिंग उद्योग में वर्ष 2007 से काम कर रहे हैं। हमें न तो पीएफ व ईएसआई की सुविधा मिलती है व न ही छुट्टियां दी जाती है। उन्होंने बताया कि जब अपने हक के लिए आवाज उठाई तो उद्योग में कार्यरत दो कामगारों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया । जब उद्योग प्रबंधन इन्हें अंदर वापिस लेने की बात की गई तो उन्होंने कहा कि छह दिन के लिए इनका गेट बंद है। वहीं जब हम लोग 11 जून को श्रम कार्यालय में शिकायत देने पहुंचे तो उद्योग के लोग पुलिस के साथ मिलकर हमें जबरन पुलिस स्टेशन बरोटीवाला उठा कर ले गए जहां उन्हें अपनी शिकायत वापस लेने के लिए धमकाया गया। श्रम अधिकारी मनीष करोल का कहना है कि कामगारों की शिकायत के बाद आज सौभाग्य कलोथिंग उद्योग प्रबंधन को श्रम कार्यालय में बुलाया गया था । उद्योग से निकाले गये कामगारों को वापस ले लिया जाएगा व कामगारों को फैक्टरी एक्त के तहत मिलने वाली अन्य सुविधाएं भी दी जाएगी।

You might also like