गुटबाजी और लांछन पड़े कांग्रेस पर भारी

कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के समक्ष नेताओं ने लोकसभा चुनाव में हार के गिनाए कई कारण, पाटिल ने बंद कमरे में अलग-अलग की सबसे मंत्रणा

शिमला —बंद कमरे में कांग्रेस ने अपनी लोकसभा चुनाव में हुई बड़ी हार पर मंथन किया। किस नेता ने कांगे्रस प्रभारी रजनी पाटिल के सामने क्या कहा यह दूसरे को भी पता नहीं चला। अकेले-अकेले पाटिल ने अलग-अलग नेताओं को बुलाया और उनसे चर्चा की। उनसे हार के कारण जाने गए और यह बैठक देर शाम तक चलती रही। सूत्रों के अनुसार सभी लोगों ने हार के अलग-अलग कारण बताए जिसमें सबसे प्रमुख कांगे्रस की गुटबाजी एक बड़ा कारण सामने आया है। कांग्रेस भले ही गुटबाजी दूर हो जाने की बात कह रही है परंतु इसमें अभी भी गुट हैं और यह बढ़ चुके हैं। राठौर के कुर्सी पर बैठने के बाद सुक्खू धड़ा पूरी तरह से अलग हो चुका है।  बताया जाता है कि रजनी पाटिल ने सबसे पहले वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। वीरभद्र सिंह, विद्या स्टोक्स और मुकेश अग्निहोत्री से इन विषयों पर चर्चा की गई, जिन्होंने अपने-अपने मुद्दे बताए। वीरभद्र सिंह ने पूरे प्रदेश में दौरे किए लेकिन इनका क्या नतीजा निकला यह भी सामने है। कांग्रेस का कोई भी नेता अपने बूथ तक में लीड नहीं दिला पाया यह सभी के सामने है। सूत्रों के अनुसार नेताओं ने कहा कि गुटबाजी के अलावा देरी से प्रत्याशियों की घोषणा भी भारी पड़ी है। संगठन जमीनी स्तर पर कहीं नजर नहीं आया, जिस कारण से निचले स्तर पर कोई काम नहीं हो सका। संगठन की कई तरह की खामियों को यहां गिनाया गया। बताया जाता है कि कुछ नेताआें ने वीरभद्र सिंह के सार्वजनिक मंचों पर दिए गए भाषणों को भी सामने रखा और कहा कि जो नेता कांग्रेस का स्टार प्रचारक है वही इस तरह की बातें लोगों के बीच कर रहा है तो इससे कैसे जीत होती। इसका कहां-कहां पर नेगेटिव इंपेक्ट पड़ा, इसके बारे में भी बताया गया। कुछ नेताओं ने मोदी की लहर को इसका कारण बताया, जिनका कहना था कि यह लहर पूरे देश में चली है, जिससे हिमाचल भी अछूता नहीं रह पाया। हालांकि संगठन की खामियां जरूर रही हैं वहीं रणनीति में भी कांग्रेस चारों खाने चित हो गई है। संगठन की इतनी बड़ी हार के बाद अब कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाए जाने की  चुनौती उनके सामने है। इसे लेकर भी सुझाव लिए गए हैं। मंगलवार को भी कार्यकर्ताओं व पीसीसी सदस्यों के साथ बैठकर रजनी पाटिल उनका फीडबैक लेंगी।

आज हार के कारणों का खुलासा करेंगी कांग्रेस प्रभारी

शिमला। मंगलवार को कांग्रेस की प्रभारी पार्टी की हार के कारणों को सामने ला सकती हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है, जिसमें उम्मीद है कि कुछ कड़े फैसले उनकी ओर से सामने आएंगे, वहीं हार के कारणों पर भी बातचीत करेंगी। सोमवार को जो पार्टी बैठक हुई है, उसमें नेता देरी से पहुंचे। बताया जाता है कि कांग्रेस के सभी विधायक यहां हाजिर नहीं थे। फिलहाल कांग्रेस ने चुनावों में हार पर मंथन करना शुरू कर दिया है।

ईवीएम से नहीं, बैलेट पेपर पर होने चाहिए चुनाव

शिमला। कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा है कि देश में चुनाव ईवीएम से नहीं बल्कि बैलेट पेपर से होने चाहिएं। हार पर मंथन से पहले पाटिल ने कहा कि गुजरात में पंचायत के चुनाव बैलेट पेपर से हुए जिसमें कांग्रेस जीती थी। उन्होंने कहा कि इस पर सभी विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं और सभी अपनी-अपनी रणनीति के हिसाब से काम कर रहे हैं। वह व्यक्तिगत रूप से चाहती हैं कि चुनाव  बैलेट पेपर से ही हों। एक सवाल पर रजनी पाटिल ने कहा कि कांगे्रस का इतिहास रहा है कि जब भी वह हारी है तो उभरकर निकली है। यह इतिहास दोबारा से दोहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां पर हार के लिए जो भी कारण रहे हैं उनको दूर करने की कोशिश की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसा ना हो। संगठन में एकजुटता जरूरी है, जिस पर काम किया जा रहा है।

 

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