गुम्मा में करेंगे चक्का जाम

नेरवा—नेताओं के झूठे आश्वासनों और लोक निर्माण विभाग की गैर जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली के चलते ग्राम पंचायत बौर के लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोगों ने विभाग को सीधे सीधे चेतावनी दे डाली है कि यदि पांच दिन के भीतर गुम्मा-बौर सड़क का रुका हुआ निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो वह विरोध सवरूप गुम्मा में चक्का जाम कर देंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि गुम्मा-बौर सड़क निर्माण को लेकर उन्होंने लोक सभा चुनावों के बहिष्कार की घोषणा की थी, परंतु विधायक ने 26 मई से सड़क का निर्माण कार्य शुरू करवाने का आश्वासन देकर चुनावों में मतदान करने का आग्रह किया था। विधायक द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद कुछ लोग मतदान को तैयार भी हो गए थे व पंचायत में विधान सभा क्षेत्र का सबसे कम 46 फीसदी मतदान हुआ था। विधायक के वादे के अनुसार बाइस दिन का समय बीत चुका है, परंतु इस सड़क की ना तो विधायक और ना ही लोक निर्माण विभाग ने कोई सुध लेने की जरूरत समझी है। लोगों का आरोप है कि सरकार और विभाग द्वारा उनकी मांग पर कोई भी गौर नहीं किया जा रहा है यही वजह है कि पंचायत वासी आज तक सड़क सुविधा से वंचित है। इस सड़क के निर्माण की प्रक्रिया आज से 35 साल पहले 1984 में शुरू हो चुकी थी परंतु सरकारी नुमाइंदों की नालायकी की वजह से इन 35 सालों में भी इस सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। लोगों का आरोप है कि नेता चुनावी मौसम में पंचायत में आकर वोट रुपी फसल काट कर ले जाते हैं व पंचायत वासियों के हाथ कोरे आश्वासनों के सिवा कुछ भी नहीं लगता। नेताओं और विभाग की अनदेखी के चलते ग्राम पंचायत बौर के बीडीसी सदस्य नाग चंद तुलियान, पूर्व उप प्रधान बंसी राम, पूर्व बीडीसी सदस्य चंदन, सुनील, राजू मदियान, सुरेंद्र तोमर, बलदेव कलसाईक, इंद्र ठाकुर, गुलाब स्वाईक, इंद्र धलटा, अमर मदियान, दलीप रावत, यशपाल रावत, जालम तोमर आदि ने सरकार और विभाग को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि पांच दिन के अंदर सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो गुम्मा में चक्का जाम किया जाएगा व विभाग एवं सरकार के खिलाफ  आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।

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