गुम रिकॉर्ड पर विजिलेंस जांच

चंडीगढ़ – चंडीगढ़ नगर निगम में प्रापर्टी टैक्स के दस्तावेज गुम होने के मामले में विजिलेंस जांच होने से हड़कंप मचा हुआ है। विजिलेंस ने एमसी से टैक्स संबंधी दस्तावेज तलब किए हैं। लेकिन एक माह होने को है, निगम की ओर विजिलेंस को अभी तक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। एमसी अफसरों की हीलाहवाली के पर सख्त रुख अपनाते हुए विजिलेंस की अविलंब दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बताया जाता है कि एमसी गुम दस्तावेजों में हरेफेर करने की जुगत में है, जिसके चलते उसे दस्तावेज देने में देरी हो रही है। वहीं विजिलेंस सेके्रटरी बीएल शर्मा ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। संबंधित विभाग को जल्द दस्तावेज देने का आदेश किया गया है। बीते महीने म्युनिसिपिलिटि कोरपोरेशन में प्रापर्टी टैक्स के दस्तावेज गुम होने के मामले में एडवाइजर ने विजिलेंस इंक्वायरी मार्क की थी। बता दें कि शहर के लोगों व कई सामाजिक संगठनों और एसोसिएशनों की दलील है कि म्युनिसिपिलिटि कोरपोरेशन ने प्रापर्टी टैक्स का सारा रिकार्ड गुम कर दिया है और अब लोगों की ओर बकाया रकम निकाली जा रही है। प्रापर्टी टैक्स का रिकार्ड गुम करने वाले संबंधित अफसरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए कि आखिर उन्होंने इतना महत्त्वपूर्ण रिकार्ड गुम कैसे हो गया। बीते कुछ दिनों से शहर के लोगों के पास नोटिस आ रहे हैं। इन नोटिसों के जरिए रेजिडेंशियल व कामर्शियल प्रापर्टी मालिकों की तरफ  म्युनिसिपिलिटि कोरपोरेशन ने बीते वित्तीय वर्षों के प्रॉपर्टी टैक्स की बकाया रकम भेज दी है। चूंकि वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए भी प्रापर्टी टैक्स जमा कराने की कवायद शुरू हो चुकी है लिहाजा जब प्रापर्टी मालिक बकाया टैक्स और वर्तमान वित्तिय वर्ष की रकम जमा कराने पहुंच रहे हैं तो उन्होंने म्युनिसिपिलिटि कोरपोरेशन के मुलाजिमों और अधिकारियों से दरखास्त की कि बीते वित्तीय वर्ष में जो बकाया राशि उनकी तरफ निकाली गई है, तो उसकी डिटेल दिखा दी जाए, क्योंकि उन्होंने तो बीते साल ही जितनी रकम का प्रापर्टी टैक्स जमा कराने का नोटिस आया था, वह जमा करा दी थी। शहर के लोगों व कई सामाजिक संगठनों और एसोसिएशनों की दलील है कि म्युनिसिपिलिटि कोरपोरेशन ने प्रापर्टी टैक्स का सारा रिकार्ड गुम कर दिया है।

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