गेयटी में पहाड़ी बोली पर कवि संगोष्ठी

40 कवियों ने सुनाईं मनमोहक कविताएं, भाषा विभाग के आयोजन में दिग्गजों ने बांधा समां

शिमला -हिमाचल कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी शिमला व ओकार्ड इंडिया द्धारा गेयटी प्रेक्षागृह में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को  भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा पहाड़ी भाषा साहित्य पर संगोष्ठी तथा राज्यस्तरीय बहुभाषी कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। जिसमें प्रदेश भर के 40 कवियों ने भाग लिया। इस कवि सम्मेलन का मंच संचालन डॉ0 कुंवर दिनेश सिंह ने किया।  कवि सम्मेलन में वरिष्ठ कवयित्री विजय प्रभाकर,वरिष्ठ कवि सुदर्शन वशिष्ठ ,डॉ कुंवर दिनेश सिंह न, लेखिका मीनाक्षी फेथपाल, डॉ संगीता सारस्वत ,जग मोहन शर्मा, डॉ उमेश भारती, व ध्यान सिंह तोमर ने अपनी  मनमोह कविताएं सुनाई। कार्यक्रम के आयोजक कार्यकारी सहायक निदेशक त्रिलोक सूर्यवंशी ने पहाड़ी कविता प्रस्तुत की । इसके अतिरिक्त डॉ अनुराग व सीमा विजय वर्गीय, जीआर भारद्वाज, अश्वनी गर्ग, रजनीकांत, वंदना राणा, निशा पॉल, स्वाति शर्मा, धयान सिंह चौहान,रमेश चन्द्र मस्ताना, डॉ सत्य नारायण स्नेही, विमल कुमार शर्मा, एसएस शर्मा, रति राम शर्मा, केआर भारती,प्रोण् आर डी शर्मा, अर्चना फुल, कमला मोक्ता, मीरा मेहता,अभिलाष शर्मा, शिल्पा देवी, काजल और प्रवीण मुगटा ने अपनी रचनाओं से खूब समा बांधा। इस मौके पर डॉ मस्त राम शर्मा ने पहाड़ी भाषा के संस्कृत स्रोतों पर बल देते हुए अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में निदेशक कुमुद सिंह ने कहा कि इसी तरह के भव्य आयोजन अब जिलास्तर पर भी किये जायेंगे जिसमें पहाड़ी बोली के विकास व उत्थान को बड़ावा दिया जाएगा। कार्यक्रम के अंत मंे त्रिलोक सूर्यवंशी कार्यकारी सहायक निदेशक ने मुख्यातिथि तथा सभी कवि-साहित्यकारों एवं उपस्थित सभी श्रोताओं का धन्यवाद किया। वहीं इस मौके पर कवि सम्मेलन में आये कवियों को तथा स्कूली बच्चों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शिमला आगमन पर  पर लघु फिल्म देखने को मिली। जिसमे बच्चों को  बापू के जीवन के कुछ एक पल जानने का  मौका मिला।

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