ग्रामीण क्षेत्रों का विकास सरकार की प्राथमिकता

शिमला—ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के लिए आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला के समापन अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास की गति बढ़ाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष बल दे रही है। सरकार का लक्ष्य विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों को आजीविका के अधिक से अधिक अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों को लोगों के कल्याण के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि सबको समान सुविधाएं प्रदान की जा सकें। उन्हांने कहा कि जन मंच राज्य सरकार का मुख्य कार्यक्त्रम है, जिसके माध्यम से विभिन्न विभागों से संबंधित कार्यों की समस्याओं का निवारण किया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से जन मंच में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने को कहा। निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी रोहन चंद ठाकुर ने इस अवसर पर अपनी प्रस्तुति के दौरान कहा कि अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए मण्डल स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएगी। बैठक के दौरान खण्ड विकास अधिकारियों ने बैंकों के माध्यम से स्वंय सहायता समूहों को दिए जाने वाले ऋणों में पेश आ रही समस्याओं को उठाया जिस पर यूको बैंक के प्रतिनिधि रमेश अग्रवाल ने कहा कि बैंक इन ऋणों को प्राथमिकता देते हैं और इसके बारे में समय-समय पर जागरूकता शिविर भी लगाए जाते है। निदेशक पशुपालन विभाग ने विभिन्न योजनाओं में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के साथ समन्वय के माध्यम से विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर सचिव ग्रामीण एवं पंचायती राज डॉ. आर.एन. बत्ता, निदेशक ग्रामीण विकास राकेश कंवर, अतिरिक्त निदेशक ग्रामीण विकास सचिन कंवल, संयुक्त निदेशक ज्ञान सागर नेगी, खण्ड विकास अधिकारी, पंचायती राज, नाबार्ड, राष्ट्रीय आजीविका मिशन के प्रतिनिधि तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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