घर जाकर जानें क्यों छोड़ दिया स्कूल

कुल्लू —अब 14 वर्ष आयु पूर्व स्कूल छोड़ने वाले बच्चों को घर-घर जाकर चिन्हित किया जाएगा। इसके लिए बाकायदा शिक्षा महकमा अभियान छेड़ेगा। बच्चों का पता लगाने के लिए उपायुक्त कुल्लू डा. ऋचा वर्मा ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा मौलिक अधिकार है और राज्य सरकार लड़कियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रही है। ऐसे में जिला में 14 साल से पूर्व 19 लड़कियों द्वारा स्कूल छोड़ने अथवा स्कूल न जाने के बारे में शिक्षा विभाग प्रत्येक बच्ची के घर जाकर रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि लड़कियों को कम से कम प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए हर हाल में प्रेरित किया जाना चाहिए। अध्यापकों को अभिभावकों से मिलकर इस बारे में बातचीत करके बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाने के प्रयास करने होंगे। वहीं, उपायुक्त ने कहा कि जिला में 1095 आंगनबाडि़यां कार्यरत हैं और इनमें से 200 के करीब आदर्श आंगनबाडि़यां हैं। उन्होंने सभी आंगनबाडि़यों में पेयजल और शौचालयों की उपयुक्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हालांकि आंगनबाडि़यां बच्चों के पालन-पोषण में बड़ा योगदान कर रही हैं और सरकार भवनों के लिए माकूल धनराशि उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं आदर्श आंगनबाडि़यों का निरीक्षण करने की इच्छुक हैं। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि जिला में लगभग 90 प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों के अपने भवन हैं।

You might also like