घुमारवीं की स्वयंसेवी संस्था मुस्कान को ‘पर्यावरण उत्कृष्ट अवार्ड’

शिमला में ‘दिव्य हिमाचल’ की ‘शिखर’ मैग्जीन में छपे लेख पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पर्यावरण निदेशालय को संस्था के सहयोग से दी सौगात

शिमला -हिमाचल प्रदेश के अग्रणी समाचारपत्र दिव्य हिमाचल में घुमारवीं की स्वयंसेवी संस्था मुस्कान के प्रकाशित लेख के आधार पर इस संस्था को पर्यावरण पुरस्कार मिल गया। दिव्य हिमाचल की ‘शिखर’ मैग्जीन में छपे लेख पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पर्यावरण निदेशालय को संस्था के सहयोग के आदेश दिए। इस आधार पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने इस संस्था को पत्तल व डूने बनाने के लिए मशीन उपलब्ध करवाई। इसके चलते सरकार के ध्यान में आई इस संस्था को बुधवार को पर्यावरण उत्कृष्ट अवार्ड से नवाजा गया। बताते चलें कि राजधानी शिमला के पीटरहॉफ में बुधवार को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का पर्यावरण लीडरशिप अवार्ड  का आयोजन किया गया।  इस कार्यक्रम में शिमला शहर के विभिन्न स्कूलों से छात्र व पर्यावण संरक्षण में अपनी अहम भूमिका निभाने वाली संस्था, स्कूल कार्ययालयों व गांवों को संस्था के उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। इसी उलक्ष्य पर कोटला गांव,घुमारवि से आई  मुस्कान स्वयं सहायता समूह को मुख्यमत्री जयराम ठाकुर के हाथों से हिमाचल प्रदेश पर्यावरण उत्कृष्टता पुरस्कार, के रूप में पत्तल एवं डोना बनाने की मशीन दी गई। इस अवसर पर संस्था की प्रधान कांता देवी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में प्रर्यावण को साफ सुधरा बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत्त है। उन्होंने  बताया कि इसके लिए हिमाचल प्रदेश का एक सराहनीय प्रयास यह रहा है कि प्रदेश में प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जाता। लेकिन अधिकतर  देखा जाता है कि प्लास्टिक की बोतले,प्लेट,चम्मच इत्यादि को इस्तेमाल किया जाता है । हिमाचल में प्लास्टिक पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने के लिए। मुस्कान स्वयं सेवी संस्था द्वारा पत्तों की बनी सुन्दर पलेटे,व झाडू बनाया जाता है। इसे प्रर्यावण में गन्दगी भी नहीं फै लती । प्लास्टिक न तो गलता है और यह प्रर्यावरण के लिए एक चुनौति बनता जा रहा है। इसे देखते हुए उन्होंने प्लास्टिक के  इस्तेमाल को खत्म करने के लिए, पत्तोें की बनी सुन्दर पतलों को बनाया जा रहा है । कांता देवी ने बताया कि  आज जिस तरह से प्रर्यावण प्रदूषण बढ- रहा है। उसे रोकने के लिए यह एक पहल की जा रही है। महिलाओं के इस तरह के कार्य को प्रोत्साहित करने के लिए मुस्कान स्वंय सेवी संस्था को मुख्यमत्री द्वारा पत्तल एवं डोने बनाने की मशीन प्रदान की गई। बता दे कि इससे पहले कतांं देवी अपने परिवार का खर्च चलाने के लिए वह हाथों से पत्तले बनाती थी। ग्रामिण विकास विभाग द्वारा महिलाओं को प्रशिक्षत किया गया। पत्तल व डोने बनाने वाली मशीन की सहायता से काफी कमाई के साधन मिलेगे। महिलाओं के इस सुन्दर प्रयास से न केवल प्रर्यावण को साफ सुधरा बनाएं रखने में सहयोग मिलेगा। अपितू  इस कार्य से महिलाए आर्त्मनिभर बन कर अपनी आजीविका के साधन बना सकती है। प्रधान कांता देवी ने बताया कि आज मुस्कान स्वयं सहायता समूह की उम्रदराज रामेश्वरी 75 वर्षीय, कमला 63 वर्षीय,तरूणा 43 वर्षाय,व निर्मला 49 वर्षीय,सुनीता 38 वर्षीय,संतोष कुमारी 45 वर्षीय, व 33 वर्षीय अनुपमा इत्यादि महिलाओं के साथ न केवल पत्तलें-डोने व झाडू बनाकर संतोषजनक ेकमाई कर रहें है। बल्कि प्लास्टिक और थर्मोकोल से होने वाली कैंसर जैसी भंयकर बीमारियों से मानव जीवन को बचाने का कल्याणकारी कर्त्तव्य निभा रहा है। मुख्यमत्री द्वारा प्राप्त पत्तें व डोने बनाने वाली मशीन से अब अन्य जरूरतमद महिलाओं को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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