चंडीगढ़ की खूबसूरती पर अतिक्रमण का ग्रहण

मनीमाजरा – एक तरफ जहां चंडीगढ़ प्रशासन शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद में जुटा  हुआ है, वहीं  शहर के दुकानदारों ने शहर की खूबसूरती को धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। आज जहां भी नजर दौड़ाओ, वहीं अतिक्रमण का बोलबाला है। शहर का आलम यह है कि जिसका जहां मन करता है वह वहीं अतिक्रमण करके अपना कारोबार शुरू कर देता है। दुकानदारों की मनमानी के सामने प्रशासन के कायदे कानून बौने साबित हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि शहर में अतिक्रमण  अधिकारियों की छत्रछाया में पनप रहा है। हैरान करने की बात तो यह है कि चंडीगढ़ प्रशासन शहर से अतिक्रमण हटाने के लिए करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रहा है, इसके वाबजूद शहर में अतिक्रमण दिन प्रति दिन बढ़ते ही जा रहा है।

लोगों ने शहर के पार्क तक नहीं बक्शे

कुछ लोगों ने जहां अवैध निर्माण किया हुआ है, वहीं कुछ ने पार्क को पार्किंग में तबदील कर दिया है। इसके अलावा दुकानदार सड़क के मुख्य हिस्से को अपने कब्जे में लेकर अपनी मनमानी कर रहे हैं  और अतिक्रमण हटाओ दस्ता मूक दर्शक बना हुआ है। अधिकारी खानापूर्ति करते हुए कभी कबार एकादा चालान काट कर अपनी ड्यूटी पूरी कर देते हैं । चंद कर्मियों के कारण आज चंडीगढ़ शहर की सुंदरता धूमिल हो रही है। हद तो उस समय हो गई, जब प्रशासन पर हाई कोर्ट के आदेशों का भी कोई फर्क नहीं पड़ा। हाई कोर्ट  ने प्रशासन को कडे शब्दों में निर्देश दे रखे हैं कि शहर में किसी भी फुटपाथ पर किसी प्रकार का कोई अतिक्रमण न हो। इसके वाबजूद दुकानदारों ने जमकर कानून की धज्जियां उड़ाकर फुटपाथ पर अवैध रूप से अपनी दुकानें सजा रखी हैं। अगर प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए तो इस शहर की स्थति काफी दयनीय हो जाएगी।

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