चंडीगढ़ में सड़ रहा करोड़ों का कबाड़

आर्थिक तंगी से जूझ रहा नगर निगम 1996 से बरत रहा लापरवाही

चंडीगढ़ – चंडीगढ़ नगर निगम के औद्योगिक क्षेत्र फेस-1 में स्थित जनस्वास्थय विभाग के गोदाम व इनफोर्समेंट विभाग के गोदाम में दशकों से पड़ा कबाड़ बेकार जा रहा है। वहीं, निगम सदन में एजंडे पारित कर इसकी नीलामी की योजना तो बनाता है पर आज तक कबाड को नीलाम करने की कोई ठोस योजना नहीं बना पाया। बताया जाता है कि इस कबाड की कीमत करोडों में आंकी गई है। उल्लंखनीय  है कि गत जनवरी माह में भी निगम सदन में इस संबंध में एजंडा पारित किया गया था। निगम ने निर्णय लिया था कि इसकी खुली  नीलामी के लिए आनलाइन निविदाएं आमंत्रित की जाएगी। उशके बाद चुनाव आचार संहिता लग गई व अब वह भी नहीं है। वित्तीय संकट से जूझ रहे निगम को इस कबाड़ से करोडों की आय हो सकती है पर अभी तक इसे गंभीरता से नहीं लिया गया है। इस कबाड़ में   जपत  की गई रेहडियां, पतीले, पुराने सोफे आदि शामिल हैं। निगम के जनस्वास्थय विभाग के 9 स्टोरों तथा इनफोर्समेंट के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित स्टोर में दशकों से पुराना सामान पड़ा  है। बताया जाता है कि वर्ष 1996 से निगम के जनस्वास्थय विभाग के नौ स्टोरों में कबाड़ पड़ा है। यह कबाड़ स्टोरों के भीतर ही नहीं उनके बाहर भी बिखरा है। ऐसे में नया सामान रखने के लिए निगम ने शहर की अनेक ग्रीन बेल्टों/पार्कों के किनारों में स्टोर बना दिए। सेक्टर 29 के के पार्क में बना ऐसा ही एक स्टोर इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। कुछ मेन्टेनस व वाटर सप्लाई बूथों पर पड़ा बेकार का कबाड़ भी धीरे धीर इन्हीं स्टोरों में शिफ्ट होता रहा है। यहां तक कि कंडम वाहन भी इन स्टोरों में डम्प किए गए हैं। निगम सूत्रों के अनुसार वर्ष 1996 में निगम के गठन के समय यह स्टोर निगम के हवाले किए गए थे। पूर्व मनोनीत पार्षद सुरिंदर बग्गा ने यह मामला उठाया था।

You might also like