चार मेहमान नहीं संभाल पाता कुल्लू प्रशासन

मनाली—सरम सीजन के रफ्तार पकड़ते ही मनाली सैलानियों से पैक हो गया है। मनाली में न तो ठहरने के लिए होटलों में कमरे मिल रहे हैं और न ही बसों में सीटें। सीजन के पूरे यौवन पर होने से सैलानियों को गाडि़यों में ही राते गुजारने पड़ रही हैं। यही नहीं ट्रैफिक जाम ने तो मनाली को इस बार तंग ही कर डाला है। मनाली की सड़कों पर जहां ट्रैफिक जाम ने प्रशासन की पोल खोल डाली है, वहीं उम्मीद से ज्यादा वाहन मनाली पहुंचते ही कुल्लू-मनाली के हाथ खड़े हो गए हैं। मनाली में जहां 50 फीसदी होटल ऐसे हैं, जिनके पास पार्किंग तक की सुविधा नहीं है। ऐसे में दर्जनों वार जहां इन होटल संचालकों को प्रशासन द्वारा नोटिस थमाए गए हैं, बावजूद इसके नियमों को ताक पर रख इन होटलों का संचालन किया जा रहा है। लिहाजा समर सीजन में सड़कों पर ट्रैफिक जाम लगने का यह भी एक अहम कारण पर्यटक नगरी में बना हुआ है। मनाली में रोजाना जहां आठ से दस हजार पर्यटक वाहन रोजाना पहुंच रहे हैं, वहीं शहर में गाडि़यों की पार्किंग की सुविधा नाममात्र की होने से सड़कों के किनारे ही वाहन पार्क हो रहे हैं, जिस कारण शहर मंे सीजन के दौरान ट्रैफिक जाम ने सैलानियों को तो परेशान कर ही रखा है, वहीं प्रशासन की व्यवस्थाओं की भी पोल खोल डाली है। समर सीजन में जहां मनाली सैलानियों से पैक हो गया है, वहीं प्रशासन की सारी तैयारियों धरी की धरी रह गई हैं। होटलों में सैलानियों को कमरे नहीं मिल रहे हैं।

वोल्वो बसों में चल रही एडवांस बुकिंग

घाटी से बाहर जाने वाली वोल्वो बसों की सीटें पहले से ही एडवांस बुकिंग के चलते पैक चल रही हैं। लिहाजा जून माह के दूसरे सप्ताह में मनाली जहां सैलानियों से गुलजार हो गई है, वहीं यहां की सड़कों पर ट्रैफिक जाम ने सबको तंक कर डाला है। ट्रैफिक जाम भुतंर से शुरू हो रहा है और सैलानियों का पीछा मनाली तक नहीं छोड़ रहा है। हालांकि पुलिस प्रशासन ने समर सीजन के लिए विशेष तौर पर 300 पुलिस व होमगार्ड के जवानों को मनाली  में तैनात किया है।

गाडि़यों में रातें काटने को मजबूर सैलानी

मनाली में ट्रैफिक व्यवस्था ने प्रशासन की पोल खोल डाली है। क्षमता से अधिक सैलानियों के पर्यटक नगरी में पहुंचने से जहां कुल्लू-मनाली के हाथ खड़े हो गए हैं, वहीं सैलानियों को राते गाडि़यांे में काटनी पड़ रही है। यही नहीं रोहतांग दर्रे की तरफ घूमने जाने वाले सैलानियों की हालत तो और भी खराब हो रही है। यहां लगने वाला टैफिक जाम एक या दो घंटे का नहीं बलकि छह से सात घंटे का लग रहा है। सैलानियों को रोहतांग से मनाली पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।

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