चीड़ के 2000 पेड़ झुलसे

ठियोग —ऊपरी शिमला के ठियोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में इन दिनों जंगलों में आगजनी की घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सूखे के कारण जंगलों के किनारे बस्तियों से आग लगने के कारण जंगल आगजनी की चपेट में आ रहे हैं जिससे की वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है। जबकि इसके अलावा कई क्षेत्रों में सेब के पौधों तथा घासनियो को भी काफी अधिक नुकसान हो रहा है। ठियोग वन मंडल कहते के तहत आने वाले पराली घूंड बीट में रविवार शाम लगी आग के कारण काफी अधिक वन संपदा जलकर राख हो गई जबकि इसके अलावा यहां पर स्थानीय लोगों के सेब के बगीचों को भी काफी अधिक नुकसान पहुंचा है। हालांकि वन विभाग के कर्मचारी आग को बुझाने का कार्य कर रहे हैं लेकिन बताया जा रहा है कि आग ने भयंकर रूप धारण करते हुए इस क्षेत्र में सेब के बगीचे तथा जंगल को अपनी चपेट में ले लिया है जिससे कि काफी अधिक नुकसान हुआ है। फोरेस्ट गार्ड चेतराम ने जानकारी देते हुए बताया कि आग सबसे पहले कटियाणा से शुरू हुई जिसके बाद काफी अधिक क्षेत्र आग की चपेट में आ गया और जंगल तथा सेब के बगीचों को काफी अधिक नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि आग को बुझाने के लिए वन विभाग के कर्मचारी मौके पर उपस्थित थे और स्थानीय लोगों की मदद से बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया गया है लेकिन इस बीच आगजनी की इस घटना में काफी अधिक नुकसान हुआ है। घासनी और झाडि़यों में आग लगाने से पहले विभाग को सूचित करने की भी हिदायत दी है लेकिन आग लगने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। जिससे वन संपदा के साथ जीव जंतु और लोगों की निजी संपति को भी बहुत नुकसान हो रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ इन दिनों लगातार आग लगने के मामले भी बढ़ रहे हैं। घुंड पंचायत के गांव शगारए टिक्करए बढोठए नरेनटी में देखने को मिला जहां भयानक आग लग गयी जिससे आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों में अफरा तफरी मच गई। हर कोई आग को बुझाने के लिए दौड़ पड़ा लेकिन शाम के समय हवा के अधिक चलने से आग बढ़ी तेजी से फैल गई जिससे चीड़ के लगभग दो हजार पेड़ झुलस गए। सरकारी जंगल के साथ सुरेश वर्मा और रामलाल भंडारी के सेब के बगीचों में भी आग पहुंच गईए लेकिन लोगों ने आग पर समय रहते काबू पा लिया। सेब के लगभग 80 से 100 पेड़ आग की चपेट में आने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। आग से 2 हजार चीड़ के और 100 सेब के पेड़ जलकर राख हो गए हैं। हालांकि आग की सूचना फायर बिग्रेड को भी दी गई लेकिन जब तक फायर बिग्रेड पहुंचती तब तक नुकसान बहुत ज्यादा हो चुका था। आग सड़क से काफी दूर लगी थी जिससे ज्यादा कोई मदद नहीं मिल सकी। बता दें कि आग अभी भी पूरी तरह से नहीं बुझ पायी है और लोग अभी भी दहशत में है।

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