छह महीने में चुनाव आयोग को दें जवाब

इलेक्शन में कार्रवाई की जद्द में आए कर्मियों की विभागीय जांच के आदेश

शिमला – लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग की कार्रवाई की जद्द में आए कर्मचारियों पर फैसला छह महीने के भीतर होगा। चुनाव आयोग ने इस बाबत उन विभागों को विभागीय जांच के आदेश दिए हैं जिनसे यह कर्मचारी संबंध रखते हैं। चुनाव के दौरान कई कर्मचारियों की राजनीतिक गतिविधियों में संलिप्तता को लेकर शिकायतें मिली थीं, जिन पर प्रदेश के चुनाव विभाग ने तुरंत कार्रवाई की। ये मामले केंद्रीय चुनाव आयोग के पास भी पहुंचे थे, जिसने भी संज्ञान लिया था। ऐसे में अब जब चुनाव खत्म हो गया है, तो ऐसा नहीं मान सकते कि आगे कुछ नहीं होगा। चुनाव आयोग के इस संबंध में सख्त आदेश हैं और वह छह महीने में विभागीय जांच की रिपोर्ट को देखेगा। इस जांच रिपोर्ट को देखने के बाद आयोग उन कर्मचारियों के संबंध में अपनी आगामी कार्रवाई करेगा। बता दें कि 30 से ज्यादा कर्मचारी कार्रवाई की जद्द में आए थे। इसमें करीब 20 कर्मचारी चुनावी ड्यूटी में लगे थे, जिनसे चुनाव प्रक्रिया को सही तरह से पूरा करने में चूक हो गई। हालांकि यह चूक जानबूझकर नहीं की गई, लेकिन हो गई। ऐसे मौकों पर आयोग चूक करने वालों को बख्शता नहीं है। नियमों में है कि छह महीने में विभाग अपनी कार्रवाई रिपोर्ट देंगे और साथ में उनके द्वारा की गई चार्जशीट को भी चुनाव विभाग को सौंपेंगे। इसके बाद आयोग उनके मसलों को देखेगा। यहां बता दें कि कुछ कर्मचारियों के खिलाफ राजनीतिक मंशाओं से काम करने के आरोप हैं। इन पर चुनाव विभाग ने अपने स्तर पर भी पड़ताल की थी, जिसमें यह संलिप्त पाए गए थे, जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। बेशक चुनाव की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है, लेकिन ये कर्मचारी जिन्हें उस वक्त  सस्पेंड किया गया था, वे अभी भी सस्पेंड ही हैं।

 

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