छह हजार….सभी को नहीं

नई दिल्ली – सांसदों, विधायकों, जिला व पंचायत अध्यक्षों, केंद्र एवं राज्य सरकार के सेवारत तथा सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों और आयकर देने वाले किसान परिवारों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सरकार ने पीएम किसान योजना का लाभ हर किसान परिवार को देने का निर्णय किया है, लेकिन जिन किसान परिवारों का कोई सदस्य संवैधानिक पद पर है या जिस परिवार से कोई व्यक्ति सांसद या विधायक हैं वैसे परिवारों को पीएम किसान योजना के तहत सालाना 6000 रुपए की सरकारी आर्थिक सहायता नहीं मिल सकेगी। केंद्र और राज्य सरकार के सेवारत कर्मचारी या सेवानिवृत्त कर्मचारी तथा आयकर देने वाले किसान परिवार भी इस योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे। कृषि मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल ने इस संबंध में सभी राज्य सरकारों को पत्र भेजा है और कहा है इस योजना के दायरे में आने वाले तमाम योग्य लोगों को इसका लाभ दिया जाना चाहिए। पत्र की प्रति शनिवार को मीडिया को जारी की गई। जमीन रखने वाले संस्थान भी इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे। सरकार ने पहले दो हेक्टेयर तक जमीन रखने वाले किसानों को ही इस योजना में शामिल किया था, लेकिन हाल ही में इसका दायरा बढ़ाकर जमीन की सीमा समाप्त कर दी है।  पहले इस योजना से लगभग 12.5 करोड़ किसान परिवार लाभान्वित होते, लेकिन इसका दायरा बढ़ाए जाने से करीब 14.5 करोड़ किसानों को इसका फायदा मिलेगा। इस योजना के तहत चार माह के अंतराल पर किसानों के बैंक खातों में दो-दो हजार रुपए की राशि डाली जाएगी। पेशेवर संस्थाओं से पंजीकृत चिकित्सक, इंजीनियर, वकील, चाटर्ड अकांउटेंट और वास्तुविद भी पीएम किसान योजना का हिस्सा नहीं होंगे। ऐसे किसान परिवारों को भी इस योजना से बाहर रखा गया है, जिनके किसी सदस्य को सेवानिवृत्त कर्मचारी के रूप में दस हजार या उससे अधिक मासिक पेंशन मिल रही है। पीएम किसान पोर्टल पर लाभान्वित होने वाले किसानों की पूरी जानकारी राज्यों को देनी होगी। यह योजना इसी वर्ष फरवरी से लागू की गई है। पत्र में कहा गया है कि किसानों की कोई शिकायत है, तो उसके समाधान की भी व्यवस्था होनी चाहिए।

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