छात्रा से रेप के बाद हर ओर मचा बवाल

ऊना—अंब उपमंडल के तहत एक सरकारी स्कूल में नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म मामले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ऊना इकाई के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को उच्च शिक्षा उपनिदेशक के कार्यालय का घेराव किया एवं धरना-प्रदर्शन किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ऊना नगर मंत्री शोभित शर्मा ने कहा कि स्कूल में हुई उक्त घटना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के मंदिरों में यदि इस प्रकार की घटनाएं होंगी तो आने वाले समय में छात्राओं का स्कूल जाना कठिन हो जाएगा। परिषद कार्यकर्ताओं ने उच्च शिक्षा उपनिदेशक से मांग की है कि इस घटना पर कड़ी कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द स्कूल में तैनात सभी अध्यापकों का तबादला किया जाए एवं तत्काल उनको निष्काषित किया जाए। वहीं, दोषी अध्यापक के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। इस अवसर पर विद्यार्थी परिषद की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दीपा गुडि़यां, इकाई अध्य्क्ष विनोद ठाकुर, निशि शर्मा, मनप्रीत, निशा, तानिया, नीना, विनीता, शिवानी, दीपिका, तनु, मुकुल, अंशुल, साहिल, कारण ठाकुर (इकाई कोषाध्यक्ष), अनुज, विनय, रोहन, उत्कर्ष एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

राजनीतिक रोटियां सेंकना बंद करें पूर्व विधायक

गगरेट। उपमंडल अंब के एक सरकारी स्कूल में हुए दुष्कर्म के मामले को लेकर विधायक राजेश ठाकुर पर निशाना साधने पर भाजपा नेताओं ने पूर्व विधायक राकेश कालिया को आड़े हाथों लिया है। हिमाचल प्रदेश राजपूत कल्याण बोर्ड के सदस्य डा. श्याम वर्मा, भाजपा मंडल महामंत्री नरेश जसवाल, जिला शिकायत निवारण समिति के सदस्य निर्भय सिंह रोमी व जिला परिषद सदस्य रमेश हीर ने कहा कि इस जघन्य कांड को लेकर जहां संपूर्ण क्षेत्र गमगीन हैं। वहीं, कितने शर्म की बात है कि पूर्व विधायक इस मामले पर भी राजनीतिक रोटियां सेंकने से बाज नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक को पता होना चाहिए कि दुष्कर्म का आरोपी शिक्षक सलाखों के पीछे हैं और पूर्व कांग्रेस सरकार के समय हुए गुडि़या कांड की तरह इस मामले को अनिश्चितता की धुंध में नहीं खोने दिया गया है।

दोषियों के खिलाफ हो कड़ी कार्रवाई

ऊना। अंब उपमंडल के तहत एक सरकारी स्कूल में नाबालिग छात्रा के साथ शिक्षक द्वारा दुष्कर्म मामले पर पीजीटीआईपी संघ ने गहरा दुख जताया है। संघ ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लानी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूल को शिक्षा का मंदिर कहा जाता है, क्योंकि यहां पर छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों के बारे में बताया जाता है। संघ को पूरा विश्वास है कि शिक्षा विभाग तथा पुलिस विभाग अपना कार्य बखूबी करेंगे और जांच के बाद जो कोई भी दोषी पाया जाता है उसके खिलाफ  कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। भविष्य में ऐसे अपराध को रोकने के लिए शिक्षक समाज को गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को और अधिक गहनता के साथ निभाना होगा।

शिक्षा के मंदिरों में दुष्कर्म जैसी घटनाएं अशोभनीय

जिला संगठन मंत्री अरुण वर्मा ने कहा कि शिक्षा के मंदिरों में इस तरह की घटनाएं अशोभनीय हैं। इसके चलते इस ओर सरकार को उचित कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ भी उचित कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए। वहीं, उच्च शिक्षा उपनिदेशक ऊना कमलेश कुमारी ने कहा कि मामले की गहन छानबीन के बाद शिक्षा निदेशक को पूरी रिपोर्ट भेज दी गई है,जल्द ही इस बारे में फैसला आएगा। उन्होंने कहा कि जो भी इस मामले में संलिप्त होगा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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