छात्र क्या पढ़ रहे, जल्द चलेगा पता

शिमला—राजधानी शिमला के सरकारी स्कूलों में इस बार से शगुन उत्सव के माध्यम से सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को परखा जाएगा। जिला शिक्षा विभाग ने इस बारे में स्कूलों को निर्देश जारी कर कहा है कि वे स्कूलों में शुगन उत्सव को सफल बनाने के लिए एसएमसी कमटियों का सहयोग करें, वहीं जिला के जितने भी स्कूल हैं, वहां के स्थानीय लोगों को भी शुगन उत्सव के बारे में जागरूक कर उन्हें सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं से अवगत करवाया जा सकता है। बता दें कि गुजरात के बाद हिमाचल में शगुन उत्सव के माध्यम से सरकारी शिक्षा को परखा जाएगा। शिक्षा विभाग ने इस साल से गुण उत्सव के तहत शगुन उत्सव को लागू कर दिया है। इस उत्सव के माध्यम से अब अगस्त व सिंतबर में शिक्षा विभाग की एक टीम स्कूलों में जाएंगी, और छात्रों को किस लर्निंग आउट कम्स प्लान के तहत पढ़ाया जा रहा है, इसकी परख करेगी। हिमाचल में पहली बार इस उत्सव के माध्यम से सरकारी स्कूलों की शिक्षा पर नजर रखी जाएगी। बता दें कि गुजरात के बाद हिमाचल ऐसा दूसरा राज्य होगा, जहां पर लर्निंग आउट कम्स प्लान पर नजर रखने के लिए अलग से कमेटी बनाई जा रही है। शिक्षा विभाग ने जिला उपनिदेशक व एसएमसी कमेटी को निर्देश जारी कर हर साल अगस्त व सितबंर में स्कूलों में जाकर छात्रों से उनके विषय से जुड़े सवाल जवाब पूछने के निर्देश दिए हैं। गौर हो कि भारत सरकार ने ही ये निर्देश जारी किए थे कि छात्रों के लर्निंग आउट कम्स प्लान को परखने के लिए स्कूलों में टीम भेजी जाएं। ऐसे में प्रदेश शिक्षा विभाग ने इस साल से इसकी शुरूआत कर दी है।  बता दें कि भारत सरकार ने सरकारी शिक्षा में गुणवत्ता लाने और स्कूलों में छात्रों की इनरोलमेंट के रेशो को बढ़ाने के लिए स्कूलों में लर्निंग आउट कम्स तय किया था। इस लर्निंग आउट कम्स के तहत छात्रों को ऑनलाइन स्टडी और छोटी कक्षाओं के छात्रों को मॉडल और चित्रों के माध्यम से पढ़ाना था। प्रदेश शिक्षा विभाग ने सरकारी शिक्षा को पटरी पर लाने के लिए अधिकतर स्कूलों में आईसीटी लैब और क्याना प्रोजेक्टर उपलब्ध करवाए हैं। सरकारी स्कूलों के छात्रों को शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन का कितना फायदा दिया जा रहा है, आठवीं से लेकर जमा दो तक के छात्र कम्प्यूटर पर ऑनलाइन पढ़ाई कर पा रहे हैं या नहीं इस पर भी कमेटी छात्रों के टेस्ट लेगी। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार सरकारी स्कूलों में छात्रों के रिजल्ट में सुधार न आने की वजह से गुजरात की तर्ज पर शगुन उत्सव को शुरू करने का फैसला लिया गया है। बता दें कि शिमला के सरकारी स्कूलों में आदेशों के अनुसार दो माह बाद ही शुगन का निरीक्षण होगा। बताया जा रहा है कि  शुगन उत्सव के माध्यम से सीधे स्थानीय लोग भी अपने सुझाव दे सकते हैं।

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