छेड़खानी के झूठे आरोप जड़ सस्पेंड करवाया प्रिंसीपल

 शिमला —जिला सोलन के एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका ने एक साल पहले प्रधानाचार्य पर छेड़खानी के झूठे आरोप लगाकर उन्हें सस्पेंड करवा दिया। हैरानी इस बात की है कि इस मामले पर बिना पूरी जांच हुए ही यह कार्रवाई विभाग ने प्रिंसीपल पर कर दी, लेकिन अब एक साल बाद छेड़खानी के इस मामले की पूरी जांच जब विभाग ने कर दी है, तो बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग ने सरकार से शिक्षिका को सस्पेंड करने की सिफारिश की है। जानकारी के अनुसार जिला सोलन के भूमती वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के पूर्व प्रधानाचार्य पर लगाए गए छेड़छाड़ के आरोपों की जांच रिपोर्ट विभाग ने सरकार को सौंप दी है। इस जांच रिपोर्ट में प्रधानाचार्य पर लगाए गए सभी आरोप निराधार पाए गए हैं। यह जांच उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक प्रशासनिक द्वारा की गई है। जांच में सामने आया है कि शिक्षिका द्वारा जो आरोप स्कूल प्रधानाचार्य पर लगाए गए हैं, उनमें  कोई सच्चाई नहीं हैं। सभी आरोप निराधार पाए गए हैं। ऐसे में अब प्रधानाचार्य पर झूठे आरोप लगाने के लिए शिक्षिका पर कार्रवाई हो सकती है। हांलाकि अभी विभाग ने इसको लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन जल्द ही इस मामले पर विभाग कोई फैसला ले सकता है। बता दें कि यह मामला पिछले साल का है। भूमती स्कूल की शिक्षिका ने स्कूल प्रधानाचार्य पर छेड़छाड़  का आरोप लगाया था। हालांकि इस मामले की जांच सोलन जिला के उपनिदेशक व संबंधित एसडीएम ने भी की थी, लेकिन आरोपी पक्ष ने इस जांच को असंतोषजनक बताया था और मामले की जांच शिक्षा विभाग के अधिकारियों से करवाने की मांग की थी। शिक्षा निदेशक ने संयुक्त निदेशक को इसकी जांच सौंपी।

अब मंडी की पाठशाला में

मामले की जांच कर रही शिक्षा विभाग की संयुक्त निदेशक प्रशासनिक डा. सोनिया ठाकुर ने बताया कि मामले की जांच पूरी कर ली गई है और इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है। अब प्रधानाचार्य जिला मंडी के स्कूल में कार्यरत है। पिछले साल प्रधानाचार्य को भूमती स्कूल से मंडी के एक स्कूल में स्थानांतरित कर दिया गया है।

 

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