छेड़छाड़ का आरोपी प्रिंसीपल सस्पेंड

सरकार के आदेश, डिप्टी डायरेक्टर हमीरपुर की रिपोर्ट पर कार्रवाई

 शिमला —हमीरपुर जिला के एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य को सस्पेंड कर दिया गया है। कथित रूप से स्कूली छात्रा के साथ छेड़छाड़ के आरोप में प्रधानाचार्य तीन दिन के पुलिस रिमांड पर है। इस मामले में सरकार ने डिप्टी डायरेक्टर शिक्षा हमीरपुर से रिपोर्ट तलब की थी, जिनकी रिपोर्ट पर शुक्रवार को प्रधान सचिव शिक्षा कमलेश कुमार पंत के कार्यालय से सस्पेंशन ऑर्डर जारी हो हुए हैं। आरोप है कि आरोपी प्रिंसीपल छात्रा के मोबाइल पर गलत मैसेज भेजता था, जिसे उपनिदेशक की रिपोर्ट में बताया गया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रधानाचार्य ने इस छात्रा को मोबाइल फोन और तीन हजार रुपए दिए, जो कि उसके खाते में भेजे गए। इसके अलावा उसके मोबाइल पर अनर्गल मैसेज भेजे गए। इस प्रधानाचार्य के खिलाफ पुलिस में पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है। वहीं, भारतीय दंड संहिता की धारा 506 में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह शिकायत छात्रा के पिता की ओर से दर्ज की गई थी। ऐसे में शिक्षा सचिव ने तुरंत प्रभाव से प्रधानाचार्य को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए हैं। सस्पेंशन के दौरान आरोपी का हैडक्वार्टर उच्च शिक्षा निदेशालय शिमला में रखा गया है, जो बिना इजाजत के मुख्यालय को नहीं छोड़ सकता है। बता दें कि शिक्षा विभाग में इससे पहले भी पोक्सो एक्ट के तहत ऐसे मामले दर्ज हो चुके हैं, जिसमें अध्यापकों को सस्पेंड किया गया है। पिछले साल करीब छह अध्यापक ऐसे मामलों में सस्पेंड किए गए हैं, वहीं इससे पहले भी कइयों को सस्पेंड किया गया है। सरकारी स्कूलों में अध्यापकों के इस तरह के आचरण के कारण अभिभावक भी परेशान हैं। शिक्षा के मंदिर में शिक्षा दिलाने के लिए लोग अपने बच्चों को भेज रहे हैं, लेकिन यहां अध्यापक ही इस तरह की हरकतों पर उतर आए हैं, जिससे शिक्षा के मंदिर भी बदनाम होने लगे हैं।

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