जंगलों में राख हो रहा पशुओं का चारा

भुंतर—जून माह में कुल्लू के जंगलों में लग रही आग ने जिलावासियों को चिंता में डाल दिया है। आग की लपटें जिला के हरे-भरे जंगलों को स्वाह करने के साथ पशु चारे के घास को भी अपने आगोश मंे ले रही हैं। लिहाजा, ग्रामीणों को चिंता अब इस बात की है कि अगर जंगल और घासनियां इसी प्रकार जलती रहीं तो सर्दियों मंे पशुओं को चारा नसीब नहीं होगा। मिली जानकारी के अनुसार जिला के हुरला क्षेत्र के जंगल पिछले शनिवार को दोपहर बाद आग की लपटें उठी और बहुमूल्य वन संपदा आग के हवाले हुई। इससे पहले करीब दो सप्ताह पहले भी हुरला रेंज के जंगल में आग ने तबाही मचाई थी। असामाजिक तत्व जंगलों को आग के हवाले तो कर रहे हैं लेकिन इसने ग्रामीणों का चैन अबकी बार छीन रखी है। जिला कुल्लू के जगलों में हाल ही के सालों से गर्मियों में आग की वारदातें हुई है। अकसर जिला के जंगलों में सर्दियों में ही आग लगती रही है लेकिन अब इसके विपरीत हो रहा है। जहां पर आग की वारदातें हो रही है । लोगों ने विभाग से जंगलों को आग के हवाले करने वाले असामाजिक तत्त्वों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उधर, हुरला क्षेत्र में लगी आग को स्थानीय लोगों ने विभाग की मदद  से काबू में कर लिया है लेकिन आग ने जंगल में तबाही मचाई। पार्वती वन मंडल के वन मंडलाधिकारी एंजल चौहान के अनुसार जंगलों में आग लगना चिंता जनक है और इससे जंगली संपदा का भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया है कि ऐसे असामाजिक तत्त्वों को सामने लाने में विभाग का सहयोग करें जो इस प्रकार की वारदातों को अंजाम देते हैं। बहरहाल, कुल्लू में जंगलों में गर्मियों में लग रही आग पशुओं के चारे को राख कर रही है।

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