जनता, बच्चों को मिलेगा पौष्टिक राशन

फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथारिटी ऑफ इंडिया प्रदेश में शुरू करेगा नई प्रक्रिया

शिमला  —हिमाचल की जनता और बच्चों को अब फिल्टर राशन मिलेगा। फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथारिटी ऑफ इंडिया प्रदेश में खाद्य आबंटन को लेकर नए मानक लागू करने वाला है। यह पहल प्रदेश में पहली बार शुरू होने वाली है। फोरफिल्टरेशन के तहत प्रदेश में सबसे पहले पांच खाद्य पदार्थों को शामिल किया जा रहा है, जिसमें नमक, चावल, आटा, तेल और दूध को शामिल किया गया है। फोरफिल्ट्रेशन के तहत ये ऐसे खाद्य पदार्थ होंगे, जिसका आबंटन अब प्रदेश के राशन डिपुआें के साथ प्रदेश के स्कूलों में मिड-डे मील के तहत किया जाएगा। फोरफिल्ट्रेशन यानी कि खाद्य पदार्थों में से उसके गुणहीन तत्वों को निकालकर उसमें उसके पूर्ण तत्वों को डालकर उसका आबंटन किया जाने वाला है। या यूं भी कहा जा सकता है कि प्रदेश के राशन डिपुआें और मिड-डे मील में पौष्टिक युक्त राशन मिलेगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी पदार्थ में जिंक कम है, तो उसे उसमें डाला जाएगा। आयोडीन कम है तो वह पूर्ण मात्रा नमक में डाली जाएगी। इस तरह पांच पदार्थों को राशन डिपुआें और मिड-डे मील में तय किया जाने वाला है। इसमें अभी सबसे पहले पांच खाद्य पदार्थों को शामिल किया जा रहा है। गौर हो कि अभी पांचों खाद्य पदार्थो की फिल्टेरशन की गई है, यानी कि इसमें वह तत्त्व भरपूर मात्रा में डाले जाएंगें जिसकी कमी अकसर शरीर में रहती है, जिसके बाद इसका आबंटन डिपुआें और मिड-डे मील में किया जाएगा।

लैब की व्यवस्था देख चौंकीं अध्यक्ष

खाद्य जांच को लेक र प्रदेश की इकलौती कंडाघाट लैब की व्यवस्था देखने के लिए बुधवार को एफएसएसआई की अध्यक्ष रीता टिटोया पहुंचीं। वहां की कार्यप्रणाली को लेकर वह चौंकी भी। उन्होंने लैब व्यवस्था को लेकर कहा कि पहले बेसिक टेस्ट सही तरह से किए जाएं, जिसमें अच्छी मशीनों का इस्तेमाल भी किया जाए। इसके बाद जब एडवांस टेस्ट किए जाएं।

खाद्य आपूर्ति निगम ने भी की है पहल

खाद्य आपूर्ति निगम भी यह कार्यक्रम तैयार कर रहा है कि सबसे पहले पौष्टिक युक्त चावल प्रदेश के डिपुआें में उपलब्ध करवाए जाएं, लेकिन अब एफएसएसएआई ने भी प्रदेश के लिए यह फरमान जारी कर दिए हैं, जिसमें मुख्य पांच खाद्य पदार्थों में पौष्टिक तत्वों को देखा जाने वाला है।

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