जनरल स्टूडेंट्स को दे दिया एससी का हक

सीबीआई जांच में सामने आए तथ्य, शिक्षा विभाग की रिपोर्ट खंगाल रही जांच एजेंसी

शिमला – 250 करोड़ से अधिक के कथित छात्रवृति घोटाले की जांच में जुटी सीबीआई हर पहलुओं को गंभीरता से खंगाल रही है। शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों की भी जांच टीम पूरी बारीकी से छानबीन कर रही है। सीबीआई से जुड़े सूत्रों के अनुसार कुछ संस्थानों ने सभी नियमों को ताक पर रखकर सामान्य वर्ग के छात्रों को अनुसूचित जाति श्रेणी में छात्रवृत्तियां बांट दीं। ऐसे में आरोपों की सत्यता का पता लगाने के लिए जांच टीम मामले से जुड़ा हुआ रिकार्ड खंगाल रही है।  यदि जांच में ये आरोप सही पाए जाते है तो संबंधित संस्थानों की दिक्कतें बढ़ना तय है। हालांकि अभी छानबीन जारी होने के चलते सीबीआई के अधिकारी कुछ भी कहने से कतरा रहे है। यह घोटाला कई राज्यों में फैला हुआ है। इसके चलते अभी मामले की पूरी परतें उधड़ने में समय लगेगा। शिक्षा विभाग की जांच में यह भी सामने आया था कि कुछ स्थानों में प्रार्थना पत्रों की संख्या से अधिक संख्या में छात्रवृत्तियों का वितरण हुआ। केंद्रीय जांच ब्यूरो की एक टीम के बाहरी राज्य में भी मोर्चा संभाले हुए है। सीबीआई की टीमों ने कब्जे में लिए दस्तावेजों के लिए एक मालखाना तैयार किया है। जांच के अंतर्गत वर्ष 2013 से लेकर 2017 तक की छात्रवृत्ति से जुड़ा रिकार्ड खंगाला जा रहा है। इस मामले में  22 निजी शिक्षण संस्थान जांच दायरे में है। हालांकि अभी संस्थानों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। सीबीआई बैंक खातों के साथ कुछ मोबाइल नंबरों की भी जांच कर रही है। सूत्रों की मानें तो मामले की तह खंगालने के लिए सीबीआई वर्ष 2013 से पहले का रिकार्ड भी आने वाले दिनों में कब्जे में ले सकती है। गौर हो कि छात्रवृत्तियां बांटने में अनियमितताओं की शिकायतें पिछले लगभग आठ से 10 वर्षों से आ रही है।

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