जनाब! इस बरसात से पहले पूरा कर दो पुल का काम

पांवटा साहिब—पांवटा साहिब के गिरि नदी पर नवादा-मानपुर देवड़ा पुल निर्माण कछुआ गति से होने के कारण क्षेत्र के ग्रामीण व किसान परेशान हैं। करीब पांच साल से पुल की सुविधा से महरूम ग्रामीणों ने सरकार और लोक निर्माण विभाग  से मांग की है कि इस बरसात से पहले तो पुल निर्माण का कार्य पूरा कर लिया जाए, ताकि बरसात मंे उनकी दिक्कतें कम हो सकंे। पिछले पांच सालों से पुल बनकर तैयार नहीं हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल बनकर तैयार हो जाना चाहिए था, लेकिन हार्ड रॉक लगने और ठेकेदार के कथित ढुलमुल रवैये से काम अधर मंे है। इस गति से लगता है कि पुल निर्माण कार्य पूरा करने में दो साल ओर लग जाएंगे। लोगों ने विभाग से जल्द से जल्द इस पुल को पूरा करने की मांग की है। जानकारी के मुताबिक मानपुर देवड़ा के पंचायत के दर्जनों गांवों के अलावा भंगानी व गोजर आदि कई पंचायतों के 20 गांवों के लोगों को इस पुल की सुविधा मिलनी थी। इसके अलावा इस पुल के बनने से पूरे गिरिपार क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलना है। इस पुल के बनने से इस क्षेत्र से पांवटा की दूरी 20 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। अभी लोगों को पहले बांगरण पुल से होकर पांवटा जाना पड़ता है। इस पुल के बनने से मानपुर देवड़ा से पांवटा की दूरी आठ किलोमीटर रह जाएगी, लेकिन इस पुल का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। गौर हो कि इस पुल का वर्ष 2014 में शिलान्यास किया गया था। करीब 14 करोड़ रुपए का पुल निर्माण का टेंडर हुआ था। उस वक्त ठेकेदार को इस पुल को 2017 तक समयसीमा में बनकर तैयार करने का समय दिया गया था, लेकिन अभी तक इस पुल का निर्माण पूरा नहीं हो पाया। मानपुर देवड़ा के पूर्व प्रधान बंगा सिंह सहित ग्रामीणों ने कहा कि इस पुल के निर्माण में देरी हो रही है, जिस कारण लोगों को भारी परेशानी हो रही है। बरसात के दौरान यह समस्या अधिक हो जाती है। इसलिए विभाग यह पुल इस बरसात से पूर्व बनाकर तैयार करवा दें।

नदी में हार्ड रॉक बन रहा देरी का कारण

उधर, इस बारे में पांवटा लोक निर्माण विभाग मंडल के अधिशाषी अभियंता अजय शर्मा ने बताया कि इस पुल का निर्माण कार्य समय पर पूरा हो जाता, लेकिन नदी के नीचे हार्ड रॉक लग गई है, जिससे पिल्लर को खड़े करने मंे ही काफी समय लग गया। उन्होंने बताया कि पुल के पिल्लरों की गहराई अन्य सामान्य पुलों की तरह 22 मीटर तक रखी गई है, जबकि इसमें इतना हार्ड रॉक है कि गहराई 15 मीटर तक भी बहुत ज्यादा थी। इसके लिए कंसल्टेंट से बातचीत की गई। इसके अलावा बरसात में भी नदी में काफी पानी आ जाता है, जिससे बरसात के दौरान तीन महीने तक काम रोकना पड़ता है। उन्होंने बताया कि ठेकेदार को इस बरसात से पूर्व पुल निर्माण का कार्य पूरा करने का टारगेट दिया गया है। पुल के सभी 12 पिल्लर खड़े हो चुके हैं। अब थोड़ा कार्य शेष बचा है वह भी जल्दी पूरा करवाया जाएगा। विभाग का टारगेट 31 जुलाई तक पुल का कार्य पूरा करने का है।

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