जन प्रतिनिधियों को तोहफा

जयराम कैबिनेट ने बढ़ाया मानदेय, पहली अप्रैल से मिलेगा बढ़ोतरी का लाभ

शिमला – जयराम सरकार ने ग्रामीण पंचायत के माननीयों की झोली मानदेय से भर दी है। इसके तहत जिला परिषद अध्यक्षों से लेकर पंचायत प्रधानों तक सभी के मानदेय में बढ़ोतरी कर दी है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के मानदेय में की गई बढ़ोतरी का फैसला पहली अप्रैल, 2019 से लागू करने का बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत जिला परिषद अध्यक्ष को 11 हजार रुपए के स्थान पर 12 हजार रुपए और उपाध्यक्ष को 7500 रुपए के स्थान पर 8000 रुपए प्रति माह मिलेंगे। जिला परिषद के सदस्यों को अब 4500 रुपए के बजाय पांच हजार रुपए तथा पंचायत समिति अध्यक्ष को 6500 रुपए के स्थान पर 7000 रुपए, उपाध्यक्ष को 4500 रुपए के स्थान पर 5000 रुपए, जबकि पंचायत समिति सदस्यों को 4000 रुपए के स्थान पर 4500 रुपए मिलेंगे। ग्राम पंचायत प्रधानों का मानदेय चार हजार रुपए से बढ़ाकर 4500 रुपए, उपप्रधानों का मानदेय 2500 रुपए से बढ़ाकर 3000 रुपए किया गया है तथा ग्राम पंचायत के सदस्यों को अब माह में आयोजित अधिकतम दो बैठकों के लिए 240 रुपए के स्थान पर 250 रुपए प्रति बैठक दिए जाएंगे। मंत्रिमंडल ने हिमाचल के पटवार वृत्तों में कार्यरत अंशकालिक कर्मचारियों के मानदेय को तीन हजार रुपए से बढ़ाकर 3500 रुपए प्रति माह करने का निर्णय लिया है, जिससे 1528 कर्मी लाभान्वित होंगे। अंशकालिक कर्मियों के रिक्त पड़े पदों को भरने का भी फैसला लिया गया है। मंत्रिमंडल ने राज्य सरकार द्वारा आशा कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त मानदेय को 1250 रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए का निर्णय लिया। इस निर्णय से राज्य की 7964 आशा कार्यकर्ता लाभान्वित होंगी। मंत्रिमंडल ने मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) को जारी रखते हुए इसके अंतर्गत वर्ष 2019 में आम की सभी किस्मों की खरीद पर 50 पैसे प्रति किलो की वृद्धि करने का निर्णय लिया, जिससे बागबानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके। 

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