जवाली सिविल अस्पताल खुद बीमार

जवाली —विस क्षेत्र जवाली के अधीन 25 पंचायतों की दो लाख आबादी को चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने वाला सिविल अस्पताल जवाली खुद ही बीमार होकर रह गया है। अस्पताल में ‘नाम बड़ा दर्शन छोटे’ वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। चिकित्सकों के अभाव के चलते अस्पताल रैफरल अस्पताल बन गया है। सिविल अस्पताल जवाली में भाजपा राज में महिला रोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक की हाल ही में नियुक्ति हुई, लेकिन महिला रोग विशेषज्ञ सहित दंत चिकित्सक मेटरनिटी लीव पर चली गईं तथा करीब दो सप्ताह से नेत्र रोग विशेषज्ञ भी बीमार होने के कारण छुट्टी पर चल रही है। क्लर्क भी शिक्षा विभाग में नौकरी मिलने के कारण रिजाइन कर गया है। बीएमओ का पद भी रिक्त है तथा एसएमओ जवाली को बीएमओ का कार्यभार भी सौंपा गया है, जिस कारण उनको नगरोटा सूरियां भी कार्य के लिए जाना पड़ता है। सिविल अस्पताल जवाली में चिकित्सा सुविधा रामभरोसे ही है। इसके अतिरिक्त ड्राइवर के दो, सफाई कर्मियों के दो, स्टाफ नर्स के दो, चतुर्थ श्रेणी के दो तथा माली का एक पद रिक्त चल रहा है। अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध करवाई गई, लेकिन नियमित रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं करवाई गई। अन्य अस्पताल से रेडियोलॉजिस्ट को हफ्ते के एक दिन जवाली में बुलाया जाता है और उस दिन अगर रेडियोलॉजिस्ट छुट्टी कर ले तो अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाते तथा अल्ट्रासाउंड करवाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बुद्धिजीवियों ने कहा कि ड्राइवर के अभाव में दानी सज्जन द्वारा दान में दी गई एंबुलेंस कबाड़ बनती जा रही है। इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।   बुद्धिजीवियों ने प्रदेश मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार व विधायक अर्जुन सिंह से मांग उठाई है कि अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति करवाई जाए, ताकि जनता को लाभ मिल सके। महिला मीनू बाला, संतोष कुमारी, रिंकू देवी व सरिता देवी इत्यादि ने कहा कि अस्पताल में  महिला रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति तो हुई, लेकिन करीब दो सप्ताह के कार्यकाल के बाद मेटरनिटी लीव पर चले जाने से उसका लाभ नहीं हुआ। शिशु रोग विशेषज्ञ न होने के कारण महिलाओं व बच्चों को बाहरी अस्पतालों में इलाज हेतु जाना पड़ता है। इस बारे में बीएमओ डा. संदीप महाजन ने कहा कि हर महीने खाली पदों की रिपोर्ट विभाग को भेजी जाती है। उन्होंने कहा कि महिला रोग विशेषज्ञ व दंत चिकित्सक मेटरनिटी लीव पर हैं, जबकि नेत्र विशेषज्ञ मेडिकल लीव पर है। क्लर्क ने रिजाइन कर दिया है।

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