जाति नहीं, आर्थिक आधार पर मिले आरक्षण

सिहुंता—राजपूत कल्याण सभा सिहुंता इकाई की बैठक गोला एवं बलाणा मंे इकाई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओंकार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक मंे राजपूत वर्ग के लोगांे को आ रही समस्याओं पर चर्चा की गई। आंेकार सिंह चौहान ने बताया कि राजपूत वर्ग के लोगांें को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से राजपूत बहुल्य गांव एवं खेत्रों में अपनी जाति के उत्थान के लिए बैठकों का दौरा चलाया जा रहा है। इसमें राजपूत संगठन के सभी राजपूत जाति के लोगांें को जोड़कर संगठन को मजबूती प्रदान की जा सके। बैठक के वक्ताओं ने आरक्षण को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आरक्षण मात्र दस वर्षों के लिए कांग्रेस सरकार ने समाज के सभी वर्गों को आर्थिक एवं सामाजिक सामानता लाने के उद्देश्य से कानून बनाया था। लेकिन साठ वर्षोंे से भी अधिक समय बीत जाने के बाद इस कानून को राजनीतिक व वोटों की राजनीति की वजह से रद्द नहीं किया गया। इसमंे आरक्षित वर्ग के लोगांें का तो बेहताशा उत्थान हो गया, लेकिन अनारक्षित वर्ग के लोगांे की समाज एवं सरकार में उपेक्षा होती ही आ रही है। जो अब सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से जाति के आधार पर आरक्षण को बंद कर के आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग की है, ताकि सभी वर्गों का अर्थिक आधार पर उथान हो सके। श्री चौहान ने बताया कि बैठक में अंतर जातीय विवाह के लिए सरकार ने प्रोत्साहन राशि रखी है, जिसकी राजपूत सभा ने कड़े शब्दांे में निंदा की है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस प्रोत्साहन राशि को जो समाज के लोगों में फू ट डालने व आपसी संबंधांे को खराब करने साथ ही सदियों से चली आ ही है।  इस मौके पर करनैल सिंह राणा वरिष्ठ उपाध्यक्ष, बरियाम सिंह ठाकुर, महासचिव चूहड़ सिंह, कोषाध्यक्ष ठाकुर नेतर सिंह व रविंद्र सिंह सहित सभा के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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