जैविक खेती से जुडे़ किसान…18 गउएं बिकीं

बंगाणा—मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व महा मुहिम राज्यपाल आचार्य देवव्रत के दिशा निर्देशानुसार ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर द्वारा तीन दिवसीय जिला सत्तरीय पिपलू मेले में जीरो बजट खेती पर एग्रीकल्चर को साथ जोड़कर पशु मंडी का आयोजन किया गयाा। इतिहास में पहली बार पिपलू मेले में पहली बार हुआ है कि बाहरी राज्यों से तीस गउएं साहीवाल प्रजाति को मंडी में पहुंची थी और जनता का आकर्षण का केंद्र भी रही। सीएम जयराम के दिशा-निर्देशो के अनुसार एग्रीकल्चर के माध्यम से हर साहीवाल नस्ल पर 25000 सबसिडी भी किसानों को उपलब्ध करवाई जानी थी, लेकिन बंगाणा एग्रीकल्चर के अधिकारी और कर्मचारी किसानों को पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं करवा सके। वहीं, कुछ अधिकारी किसानों को गुमराह भी करते रहे। इससे केवल 18 साहीवाल का ही क्रय विक्रय हो सका। बता दें कि अब आगे जो भी जीरो जैविक खेती या बड़ी पशु मंडी होगी उसमंे यह लाभ जरूर होगा। तीन दिवसीय जिला स्तरीय ऐतिहासिक पिपलू मेला में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकासात्मक प्रदर्शनियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही।  इसके अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रदर्शनी में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पाद भी लोगों को खरीदने के लिए उपलब्ध हुए, जिन्हे लोगों ने काफी पसंद किया।

विशेष प्रयास लाए रंग

जिला स्तरीय ऐतिहासिक पिपलू मेले में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष प्रयास किए गए। मेला आयोजन स्थल पर मेला कमेटी की ओर से जगह-जगह कूड़ेदान लगाए गए थे और लोगों को कूड़ा उन्हीं कूड़ेदान में डालने के लिए प्रेरित भी किया। विभिन्न स्टॉल के बाहर विशेष तौर पर खाने-पीने के स्टॉल पर कूड़ेदान की व्यवस्था की गई थी और इस बारे में दुकानदारों को भी विशेष हिदायतें दी गई।

क्या कहते हैं दुकानदार

पिपलू मेले में जालंधर से दुकान लगाने आए संतोष कुमार गुजराती तथा भोटा से आए हलवाई राजकुमार ने बताया कि मेला समिति की ओर से उन्हें कूड़ेदान लगवाए गए थे और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए थे। चंडीगढ़ से दुकान लगाए गए परमिंदर, पूजा तथा जोगिंदर ने भी मेला कमेटी के प्रयासों की सराहना की।

लोगों ने सराहे स्वच्छता के प्रयास

मेले में दर्शनार्थ पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी मेला समिति द्वारा स्वच्छता बनाए रखने के प्रयासों को सराहा। धनेटा से आए गुलशन ने बताया कि स्वच्छता के लिए जगह-जगह कूड़ेदान लगाए गए हैं, जिससे मेले में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर रही है। उधर, उपायुक्त ऊना संदीप कुमार का कहना है कि राज्य में अन्य मेलों की तुलना में पिपलू मेला समिति के प्रयास बेहतर रहे हैं। लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी किया गया है।

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