झोलाछाप आढ़तियों पर नज़र

कानून में संशोधन से पहले एपीएमसी के साथ मिलकर कदम उठाएगा कृषि विभाग

शिमला —हिमाचल में सेब सीजन के दौरान कुकुरमुत्तों की तरह पूरे इलाके में फैल जाने वाले आढ़तियों पर शिकंजा कसने के लिए सरकार रणनीति बना रही है। कृषि विभाग एपीएमसी के साथ मिलकर ऐसे आढ़तियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। इस दिशा में सरकार जल्दी ही कानून में संशोधन करेगी, लेकिन संशोधन के लिए मसौदा विधानसभा में जाएगा। विधानसभा का सत्र क्योंकि अभी देरी से होना है, लिहाजा तब तक सेब सीजन निकल जाएगा। इसलिए इसी सेब सीजन से कुछ नकेल कस दी जाए, इसके लिए सोचा जा रहा है। हर साल सेब बागबानों से ठगी के मामलों की संख्या बढ़ रही है। कई बागबान ऐसे हैं, जिन्हें पिछले साल की फसल का पैसा नहीं मिल पाया है। इस साल भी क्योंकि व्यवस्था नहीं बदली जा सकी है, लिहाजा कदम तो उठाने होंगे। यह चुनौती सरकार के सामने खड़ी है। बागबानों व किसानों को बढ़ावा देने के नजरिए से केंद्र सरकार ने कई तरह के आदेश दे रखे हैं। इस कारण से यहां पर पिछले साल सख्ती नहीं हो सकी। इस बार निर्णय लिया गया है कि बाहर से आने वाले आढ़तियों की कम संख्या में रजिस्ट्रे्रशन हो। इनकी संख्या में कमी करने के साथ इनसे धरोहर राशि भी मिल जाए, इसका भी प्रबंध किया जाएगा। यह प्रावधान कानून में संशोधन के बाद ही लागू हो सकता है, परंतु फिर भी सरकार अपनी ओर से कोशिश करने की सोच रही है। कृषि विभाग ने हाल ही में कानून में संशोधन का निर्णय लिया है, परंतु इससे पहले इस सीजन में भी कड़ाई से कार्रवाई की तैयारी है। इस संबंध में एपीएमसी को कड़़े निर्देश दिए जाएंगे कि वह बाहरी आढ़तियों की कम संख्या में रजिस्ट्रेशन करे और उनके पते का पूरा प्रूफ लें, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी में उन्हें पकड़ा जा सके। ये लोग आढ़तियों से सेब लेते हैं और बाद में फरार हो जाते हैं। ऐसे कई मामले  पुलिस में दर्ज किए जा चुके हैं।

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