टीएमसी में नवजात बच्चों को मिलेगा विशेष इलाज

कांगड़ा – जन्म के समय बीमारियों की पकड़ में आने वाले नौनिहालों को उपचार सुविधा देने के लिए केंद्र की डिस्ट्रिक अर्ली इंटरवेशन सेंटर (डीईआईसी) योजना को संचालित करने को डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में प्रक्रिया को आरंभ कर दी है। नेशनल हैल्थ मिशन के तहत संचालित किए जाने वाले इस सेंटर के लिए एनएचएम के तहत टीएमसी प्रशासन को 15 लाख रुपए का बजट भी जारी कर दिया गया है। इसके बाद अब टीएमसी प्रशासन द्वारा डीईआईसी के लिए स्थान के निर्धारण को प्रक्रिया आरंभ कर दी है। जानकारी के अनुसार जन्म के दौरान बच्चों में किसी भी प्रकार के विकार का पता समय पर लगाने तथा उनके उपचार की सुविधा प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार ने जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी) शुरू करने की घोषणा की थी। देशभर के विभिन्न राज्यों में इस सेंटर को शुरू किया गया है। टीएमसी में बच्चों के लिए विशेष तौर पर ईएनटी, चिल्ड्रन स्पेशलिस्ट, न्यूट्रीशियन हैबिलिटेशन तथा चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट की चार विशेष ओपीडी तैयार की जाएंगी। इसमें जन्म के दौरान बच्चों का पूरा चैकअप किया जाएगा। इस सेंटर में शून्य से लेकर 17 वर्ष की आयु तक के बच्चों को स्वास्थ्य उपचार सबंधी सुविधा प्रदान की जाएगी। बताया जा रहा है कि टांडा में बनने वाले मदर-चाइल्ड केयर सेंटर में ही इस डीईआईसी को चलाया जाएगा। टीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक डा. सुरिंद्र सिंह भारद्वाज ने बताया कि टांडा अस्पताल में डीईआईसी शुरू करने के लिए स्थान का निर्धारण किया जा रहा है।

You might also like