टेक्नोमैक कंपनी की संपत्ति का ब्यौरा दें सीआईडी-प्रवर्तन विभाग

 शिमला  —इंडियन टेक्नामैक कंपनी में हुए करोड़ों के घोटाले के मामले में प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रवर्तन विभाग और सीआईडी को प्रतिवादी बनाते हुए उन्हें आदेश दिए हैं कि वे शपथपत्र के माध्यम से अदालत को इंडियन टेक्नोमैक कंपनी की संपत्ति का ब्यौरा सौंपें। सीआईडी ने इंडियन टेक्नोमैक कंपनी लिमिटेड जगतपुर पांवटा साहिब द्वारा राज्य सरकार का लगभग 21 सौ करोड़ रुपए टैक्स न अदा करने पर फैक्टरी को आबकारी एवं कराधान विभाग ने सीज किया है। कंपनी द्वारा जारी दस्तावेज तैयार करके व अधिक उत्पादन दर्शा कर केवल विभिन्न बैंकों से ऋण लेने के लिए षड्यंत्र रचा गया, जिससे हिमाचल सरकार को भारी कर नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त इंडियन टेक्नामैक कंपनी के प्रबंधन ने पांवटा साहिब स्थित आबकारी एवं कराधान विभाग व अन्य विभागों से मिलीभगत करके इस कंपनी के बीच होने के बाद भी कंपनी के अंदर रखे हुए सामान व स्क्रैब इत्यादि को चोरी-छिपे बाहर निकाला है। एक स्क्रैब ट्रक को पुलिस द्वारा बरामद किया गया। कंपनी की संपत्ति को अटैच करने के बाद इस तरह कंपनी प्रबंधन द्वारा स्क्रैब बेचना कानूनन सही नहीं है। जो कि तत्कालीन कंपनी प्रबंधन व आबकारी विभाग के कर्मचारियों द्वारा सुनियोजित तरीके से किया गया है। सीआईडी इस बड़े घोटाले को लेकर पुलिस स्टेशन भराड़ी में धारा 420, 468, 471, 201, 217, 218, 120 बी व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13 (2) डी व 5 तथा 7 के तहत पिछले दो सालों से जांच कर रही है।

 

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